मोरे उज्जैन के राजा करो किरपा भजन लिरिक्स

मोरे उज्जैन के राजा करो किरपा भजन भगवान महाकाल की असीम कृपा की प्रार्थना करता है। यह भजन विशेष रूप से उज्जैन के महाकाल के प्रति भक्तों के गहरे प्रेम और श्रद्धा को व्यक्त करता है। भक्त महाकाल से अपने जीवन की परेशानियों को दूर करने की मांग करता है और उनकी कृपा प्राप्त करने की उम्मीद करता है। इस भजन में महाकाल से दिव्य आशीर्वाद की अपील की जाती है ताकि भक्त जीवन के हर क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि प्राप्त कर सके।

More Ujjain Ke Raja Ko Kirapa

दोहा
महाकाल सो नाम नहीं,
और उज्जैन सो कोई धाम।
करले मेरे महाकाल की भक्ति,
तेरे हो जाए सब काम।।


मोरे उज्जैन के राजा करो किरपा,
मोरे राजा महाराजा करो किरपा।।

शीश गंग तन भस्मी धारी,
रूप अनुपम नंदी सवारी।
तेरी शरण में काल भी हारे,
तुम अनंत कई नाम तुम्हारे।
करो किरपा,
मोरें उज्जैन के राजा करो किरपा,
मोरे राजा महाराजा करो किरपा।।

जिसके मन में शिव ना समाया,
उसने कहाँ फिर शिव को पाया।
फूल नहीं इसलिए भी लाया,
खुद को अर्पण करने आया,
करो किरपा।
मोरें उज्जैन के राजा करो किरपा,
मोरे राजा महाराजा करो किरपा।।

मैं एक दीपक भोले बाबा,
तुम इस दिप की ज्योति।
तेरे नाम से भगत की बाबा,
दुनिया जगमग होती।
अर्जी सुनो उज्जैन के राजा,
किस्मत मेरी खोटी।
करो किरपा,
मोरें उज्जैन के राजा करो किरपा,
मोरे राजा महाराजा करो किरपा।।

मोरे उज्जैन के राजा करों किरपा,
मोरे राजा महाराजा करो किरपा।।

मोरे उज्जैन के राजा करो किरपा भजन भगवान महाकाल के अद्वितीय आशीर्वाद और कृपा की महिमा को बढ़ावा देता है। इस भजन के साथ ही महाकाल के अन्य भजनों जैसे महाकाल की महिमा और भोलेनाथ के दर पर में भी उनकी महिमा और भक्तों के प्रति उनकी अनंत करुणा का दर्शन होता है। महाकाल के प्रति भक्ति से हम जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं और उनकी कृपा से हमारा जीवन धन्य हो सकता है।

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