कालों के काल महाकाल की देखो आ रही है पालकी भजन शिवभक्तों के मन में रोमांच और श्रद्धा का भाव जागृत करता है। जब महाकाल की पालकी आती है, तो वातावरण भक्तिभाव से भर जाता है और हर कोई स्वयं को धन्य समझता है कि उसे इस दिव्य दृश्य के दर्शन हुए। इस भजन में पालकी की झांकी के माध्यम से महाकाल की उपस्थिति और उनके वैभव की झलक को अत्यंत भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो हर शिवभक्त के हृदय को छूता है।
Kalo Ke Kal Mahakal KI Dekho Aa Rahi Hai Palaki
कालों के काल महाकाल की,
देखो आ रही है पालकी…
जय बोलो जय बोलो,
जय बोलो महाकाल की।।
भक्तों की लेने खबरिया,
सज धज के शिव जब निकलते,
बाबा की एक झलक पाने…
भक्तों के दिल है मचलते,
यही ओंकार है जीवन का सार है,
शिव में समाया संसार है…
ना जाने कितनों की तकदीर,
शिव ने निहाल की,
जय बोलो जय बोलो,
जय बोलो महाकाल की।।
हम तो चले शिव की नगरी,
हम भूल बैठे जमाना…
कावड़ में भक्ति का जल है,
महाकाल पर है चढ़ाना…
भोले की मस्ती में भोले की बस्ती में,
भोले के भक्तों का राज है,
उज्जैन के राजा ने बुलाया…
कृपा कितनी बेमिसाल की,
जय बोलो जय बोलो,
जय बोलो महाकाल की।।
महाकाल हैं सबके राजा,
सेना है यह महाकाल की…
पीछे चले शिव दीवाने,
आगे चले शिव की पालकी,
भगवा को उड़कर बोल बम बोल कर…
चिंता सब शंभू पे छोड़कर,
नाचे मगन हम होके,
दीवानगी यह महाकाल की…
जय बोलो जय बोलो,
जय बोलो महाकाल की।।
कालों के काल महाकाल की,
देखो आ रही है पालकी…
जय बोलो जय बोलो,
जय बोलो महाकाल की।।
कालों के काल महाकाल की देखो आ रही है पालकी भजन शिव की दिव्यता और उनके भक्तों के भावनात्मक जुड़ाव का सुंदर चित्रण करता है। जब कोई भक्त इस भजन को करता है या पढ़ता है, तो उसे ऐसा अनुभव होता है जैसे स्वयं महाकाल की पालकी उसके सामने से गुजर रही हो। ऐसे भजनों से शिवभक्ति में और अधिक गहराई आती है। आप महाकाल की शरण में, चलो महाकाल की नगरिया में, महाकाल नजर आए और दूल्हा बन आए त्रिपुरारी रे जैसे अन्य भावपूर्ण शिव भजनों को भी अवश्य पढ़ें, ताकि महाकाल की भक्ति में पूर्ण immersion हो सके और आपके जीवन में भी शिव कृपा सदैव बनी रहे।