मनड़ा रे जे तू बालाजी ने ध्याय सी भजन लिरिक्स

प्रभु श्री बालाजी की भक्ति में लहराती यह ध्वनि मनड़ा रे जे तू बालाजी ने ध्याय सी भजन का दिल छू लेने वाला एक प्रभावशाली उदाहरण है। इस भजन में भक्त अपनी सम्पूर्ण श्रद्धा के साथ बालाजी के चरणों में ध्यान लगाने की बात कर रहा है। जैसे कोई व्यक्ति अपने ह्रदय से प्रभु के नाम का उच्चारण करता है और पूरी निष्ठा से उसे ध्याय करता है, वैसे ही यह भजन भक्तों को प्रभु श्री बालाजी के दिव्य रूप की अनुभूति कराता है। यह भजन बालाजी के प्रति समर्पण और उनकी अनंत शक्ति को स्वीकारने का एक सुंदर तरीका है।

Manada Re Je Tu Balaji Ne Dhyay Si

मनड़ा रे जे तू बालाजी ने ध्याय सी,
कष्ट तेरा सगळा कट जायसी
सच्चे मन से तू देख बुलाय सी,
बजरंग बेड़ो पार लगाय सी
बाबो बेड़ो पार लगाय सी,
मनड़ा रे जेतू बालाजी ने ध्याय सी।।

सालासर रो बाबो सदा सुख बरसावे,
सँवर जावे बिगड़ी शरण जो आ जावे
दुलारो अंजनी को भगता को रखवाळो,
खुल्यो है भंडारो जो चावे सो पावे
झूठी मोह माया ने तज के ले बजरंग को नाम,
ले बजरंग को नाम
याद करे जो बजरंगी ने,
कट जावे रे लख चौरासी,
मनड़ा रे जेतू बालाजी ने ध्याय सी।।

लगी शक्ति रण में काल हो बलकारी,
लखन मूर्च्छा घेरयो बड़ी विपदा भारी
प्रभु श्री राम जी के देख आंख्या में पाणी,
उठ्या महावीर झट से भरी रे किलकारी
संजीवन लेकर ही आयो होण नही दी भोर,
होण नही दी भोर
भोर भई श्री राम जी बोल्या,
संकट मोचन नाम कहासी,
मनड़ा रे जेतू बालाजी ने ध्याय सी।।

ऐ लक्खा ठाट तेरी यो धरी रह जाणी है,
ढेरी धन दौलत की काम नई आणि है
भजन कर राम नाम को जो तारण हारी है,
सरल कव लोक कहावे पर बाबा श्याणी है
करले काम रे भजले राम जब तक आवे सांस,
जब तक आवे सांस
सांस और वक्त गया नही आवे,
चेत रे चेत घणो पछतासि
मनड़ा रे जे तू बालाजी ने ध्याय सी।।

मनड़ा रे जे तू बालाजी ने ध्याय सी,
कष्ट तेरा सगळा कट जाये सी
सच्चे मन से तू देख बुलाय सी,
बजरंग बेड़ो पार लगाय सी
बाबो बेड़ो पार लगाय सी,
मनड़ा रे जे तू बालाजी ने ध्याय सी।।

यह भजन बालाजी के प्रति श्रद्धा और भक्ति की अभिव्यक्ति है, जो हर दिल में उनके दिव्य दर्शन की इच्छा को जगाता है। जब हम बालाजी के चरणों में ध्यान लगाते हैं, तो हमारे जीवन की हर कठिनाई दूर हो जाती है। जैसे मनड़ा रे जे तू बालाजी ने ध्याय सी भजन में कहा गया है, हर भक्त को अपने ह्रदय में प्रभु बालाजी का ध्यान रखना चाहिए। इस भजन के माध्यम से, हम न केवल अपनी आस्था को प्रकट करते हैं, बल्कि उनके अन्य भजनों, जैसे श्री बालाजी महाराज तेरे माथे मुकुट और बालाजी का दरबार के माध्यम से भी उनके आशीर्वाद को महसूस करते हैं। जय श्री बालाजी!

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