अनोखी थारी झाँकी ओ म्हारा माँ अंजनी का लाल भजन लिरिक्स

अनोखी थारी झाँकी ओ म्हारा माँ अंजनी का लाल एक भव्य भजन है जो भगवान हनुमान की महिमा का बखान करता है। इस भजन में भक्त हनुमान जी के अद्वितीय रूप और उनके कार्यों की महिमा का गुणगान करते हैं। भगवान हनुमान, जो माँ अंजनी के लाल हैं, अपनी शक्ति और भक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं। इस भजन के माध्यम से भक्त हनुमान जी की विशेष झाँकी का वर्णन करते हुए उनकी महिमा का उत्सव मनाते हैं। यह भजन भक्तों को यह सिखाता है कि भगवान हनुमान की पूजा से जीवन में सफलता और समृद्धि मिलती है।

Anokhi Thari Jhanki O Mhara Maa Anjani Ka Lal

अनोखी थारी झाँकी,
अनोखी थारी झाकी
ओ म्हारा माँ अंजनी का लाल,
अनोखी थारी झाँकी
ओ म्हारा सालसर हनुमान,
अनोखी थारी झाँकी।।

थारे सर पे मुकुट विराजे,
कानो में कुंडल साजे
थारे गले विराजे हार,
अनोखी थारी झाँकी।।

थारे नैणा सुरमो साजे,
माथे पे तिलक विराजे
बाबा मुख में नागर पान,
अनोखी थारी झाँकी।।

थारे पाव पैजनिया साजे,
चलता में रूण झुण बाजे
ओ बाबा या छवि की बलिहार,
अनोखी थारी झाँकी।।

थारे अंग में चोला साजे,
उपर से बर्क विराजे
थारे रोम रोम में राम,
अनोखी थारी झाँकी।।

लक्ष्मण जब मूर्छित पाए,
संजीवन बूटी ल्याये
ओ बाबा लाए पहाड़ उठाए,
अनोखी थारी झाँकी।।

अनोखी थारी झाकी,
अनोखी थारी झाकी
ओ म्हारा माँ अंजनी का लाल,
अनोखी थारी झाकी
ओ म्हारा सालसर हनुमान,
अनोखी थारी झाँकी।।

अनोखी थारी झाँकी ओ म्हारा माँ अंजनी का लाल भजन भगवान हनुमान की शक्ति और भक्ति के प्रतीक रूप को दर्शाता है। जब हम इस भजन को गाते हैं, तो न केवल हनुमान जी के रूप की महिमा का अनुभव करते हैं, बल्कि हमें यह अहसास होता है कि उनकी अनंत कृपा और आशीर्वाद हमारे जीवन को रोशन कर सकते हैं। हनुमान जी के अन्य भजनों की तरह, यह भजन भी हमें अपनी भक्ति में अडिग बनाए रखता है और हमें यह याद दिलाता है कि उनके दर पर जाकर हम किसी भी संकट से उबर सकते हैं। हनुमान जी की आराधना से हम अपने जीवन में शक्ति, साहस और आस्था को बढ़ा सकते हैं।

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