बाला सा थाने कोण सजाया जी भजन लिरिक्स

भक्ति के रंग में रंगे भक्त जब श्री हनुमान जी का गुणगान करते हैं, तो वह भजन आत्मा तक शांति पहुंचाता है। बाला सा थाने कोण सजाया जी भजन भी ऐसा ही एक मधुर भजन है, जो बालाजी महाराज की महिमा और उनकी भव्यता को दर्शाता है। यह भजन हमें प्रभु के प्रति प्रेम, श्रद्धा और समर्पण का अनुभव कराता है। आइए, इस भजन के बोलों में खोकर बालाजी महाराज की भक्ति में लीन हों।

Bala Sa Thane Kon Sajaya Ji

श्लोक –
उत्सव आप को आ गयो,
खूब सज्यो शृंगार,
वीर बजरंगी मैं आपकी,
लेउँ नज़र उतार।

बाला सा थाने कोण सजाया जी,
म्हारे मनड़ो हर लीनो,
थारी सूरत मतवारी
म्हारे मनड़ो हर लीनो,
थारी सूरत मतवारी।।

थारे हाथ में घोटा,
लाल लंगोटा जी
थारे लाल सिंदूर चढ़े,
थे देव हो बलकारी
बाला सा थाने कुण सजाया जी,
म्हारे मनड़ो हर लीनो,
थारी सूरत मतवारी।।

थारा उत्सव आया,
मन हरषाया जी
सब झूम झूम नाचे,
जय बोले है थारी
बाला सा थाने कुण सजाया जी,
म्हारे मनड़ो हर लीनो,
थारी सूरत मतवारी।।

थे राम नाम की,
धुन में मतवाला जी
है अजर अमर गाथा,
है माया अजब थारी
बाला सा थाने कुण सजाया जी,
म्हारे मनड़ो हर लीनो,
थारी सूरत मतवारी।।

माला को तोड़ा,
सीने ने चिर दीयो
हो अंजनी के लाला,
जय हो जय हो थारी
बाला सा थाने कुण सजाया जी,
म्हारे मनड़ो हर लीनो,
थारी सूरत मतवारी।।

‘लक्खा सिंह’ थारा,
लाड लड़ावे जी
थारी सूरत पे बाबा,
‘बनवारी’ बलहारी
बाला सा थाने कुण सजाया जी,
म्हारे मनड़ो हर लीनो,
थारी सूरत मतवारी।।

बाला सा थाने कोण सजाया जी,
म्हारे मनड़ो हर लीनो,
थारी सूरत मतवारी
म्हारे मनड़ो हर लीनो,
थारी सूरत मतवारी।।

बालाजी महाराज की महिमा अपरंपार है, उनकी कृपा जिस पर भी बरसती है, उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। यदि आपको यह भजन पसंद आया, तो रखवाला प्रतिपाला मेरा लाल लंगोटे वाला भजन भी अवश्य सुनें और बालाजी के चरणों में अपना मन रमाएं।

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