मन हो जा दिवाना रे बालाजी के चरणों में भजन लिरिक्स

जब मन में सच्ची श्रद्धा होती है, तो इंसान खुद-ब-खुद भक्ति की राह पर चल पड़ता है। मन हो जा दिवाना रे बालाजी के चरणों में भजन हमें यही प्रेरणा देता है कि हम अपने जीवन में भगवान बालाजी की भक्ति में लीन हो जाएं और उनकी कृपा का अनुभव करें। यह भजन भक्तों के हृदय में भक्ति की अलख जगाने वाला है, जो हमें बताता है कि बालाजी के चरणों में समर्पित होकर ही जीवन के हर संकट से पार पाया जा सकता है।

Man Ho Ja Diwana Re Balaji Ke Charano Me

मन हो जा दिवाना रे,
बालाजी के चरणों में
तू करले ठिकाना रे,
बालाजी के चरणो में
मन हो जा दीवाना रे,
बालाजी के चरणों में।।

पिता पवन अंजनी महतारी,
शिव शंकर के हो अवतारी
सारा झुकता जमाना रे,
बालाजी के चरणो में
मन हो जा दीवाना रे,
बालाजी के चरणों में।।

अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता,
दिनों के अटके काम बनाता
सारा रहता खजाना रे,
बालाजी के चरणो में
मन हो जा दीवाना रे,
बालाजी के चरणों में।।

निर्धन को धनवान बनाते,
निर्बल को बलवान बनाते
तू भी मन को लगाना रे,
बालाजी के चरणो में
मन हो जा दीवाना रे,
बालाजी के चरणों में।।

तन के सारे रोग मिटाते,
भवर से नैया पार लगाते
अपनी विनती सुनाना रे,
बालाजी के चरणो में
मन हो जा दीवाना रे,
बालाजी के चरणों में।।

मन हो जा दिवाना रे,
बालाजी के चरणों में
तू करले ठिकाना रे,
बालाजी के चरणो में
मन हो जा दीवाना रे,
बालाजी के चरणों में।।

बालाजी महाराज के चरणों में जो भी भक्त सच्चे मन से समर्पित होता है, वह हर कष्ट से मुक्त हो जाता है और उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। अगर आपको यह भजन पसंद आया, तो भक्ति और शक्ति के दाता, रामचरण से जिनका नाता भजन भी अवश्य सुनें, जो आपको और अधिक श्रद्धा और भक्ति के भाव से भर देगा।

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