उठो हे पवनपुत्र हनुमान सागर पार जाना है भजन लिरिक्स

उठो हे पवनपुत्र हनुमान, सागर पार जाना है भजन हमें हनुमान जी की असीम शक्ति और भक्ति की याद दिलाता है। जब श्रीराम ने माता सीता की खोज में हनुमान जी को भेजा था, तब उनके भीतर आत्मविश्वास, संकल्प और प्रभु के प्रति अटूट श्रद्धा का भाव था। यह भजन हमें भी सिखाता है कि यदि हम सच्चे मन से किसी कार्य को करने का निश्चय करें और भगवान की कृपा हमारे साथ हो, तो कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती।

Udho Hey Pawanputra Hanuman Sagar Par Jana Hai

उठो हे पवनपुत्र हनुमान,
सागर पार जाना है
सागर पार जाना है,
बनी श्री राम पे विपदा भारी,
लंकपति हर लई जनकदुलारी
तुम विरो में वीर बलकारी,
साबित कर दिखलाना है
उठो हे पवन पुत्र हनुमान,
सागर पार जाना है।।

तुम सा कौन भला बलशाली,
है महावीर है धरा पर
भरो अगर हुंकार तो रख दो,
तीनों लोक हिलाकर
लांघ जाओगे इस सिंधु को,
लांघ जाओगे इस सिंधु को,
एक छलांग लगाकर
किए जो बचपन में वो करतब,
किए जो बचपन में वो करतब,
कर दिखलाना है
उठो हे पवन पुत्र हनुमान,
सागर पार जाना है।।

वो नर दंड का भागी जो,
नारी का करे अनादर
घोर अपराध किया रावण ने,
कपट से किया हरण कर
गढ़ लंका में मात सिया को,
गढ़ लंका में मात सिया को,
रखा कहाँ छुपाकर
खोज खबर ले पूरी जल्दी,
खोज खबर ले पूरी जल्दी,
लौट के आना है
उठो हे पवन पुत्र हनुमान,
सागर पार जाना है।।

उठो उठो बजरंग उठो,
रघुपति को धीर बंधाओ
हर्षित हो प्रभु राम काम कुछ,
ऐसा कर दिखलाओ
बल बुद्धि के स्वामी तुम हो,
बल बुद्धि के स्वामी तुम हो,
काल से भी टकराओ
मर्यादा का ‘सरल’ तुम्ही ने,
ध्वज फहराना है
उठो हे पवन पुत्र हनुमान,
सागर पार जाना है।।

उठो हे पवनपुत्र हनुमान,
सागर पार जाना है,
सागर पार जाना है
बनी श्री राम पे विपदा भारी,
लंकपति हर लई जनकदुलारी,
तुम विरो में वीर बलकारी
साबित कर दिखलाना है,
उठो हे पवन पुत्र हनुमान,
सागर पार जाना है।।

हनुमान जी का संकल्प, शक्ति और समर्पण हमें जीवन में आने वाली हर चुनौती से निडर होकर लड़ने की प्रेरणा देता है। उठो हे पवनपुत्र हनुमान, सागर पार जाना है भजन उनके उसी वीरतापूर्ण कार्य को स्मरण कराता है, जब वे प्रभु श्रीराम की सेवा में लंका तक जा पहुंचे। यदि इस भजन ने आपको हनुमान जी की भक्ति में सराबोर कर दिया है, तो हनुमत ढूंढ रहे किसी ने मेरे राम देखे भजन भी अवश्य पढ़ें, जो हनुमान जी के प्रभु प्रेम को दर्शाता है। जय श्रीराम! जय बजरंग बली!

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