थारी महिमा अपरंपार बाला आया तेरे द्वार भजन लिरिक्स

बालाजी महाराज की महिमा अनंत और अपरंपार है। थारी महिमा अपरंपार, बाला आया तेरे द्वार भजन उसी अटूट श्रद्धा और समर्पण को प्रकट करता है, जिसमें भक्त प्रेमपूर्वक बालाजी के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। जब कोई भक्त सच्चे मन से उनके चरणों में आता है, तो पवनपुत्र हनुमान उनकी हर विपदा हर लेते हैं और अपने आशीर्वाद से उनके जीवन को मंगलमय बना देते हैं। आइए, इस भजन के माध्यम से बालाजी की आराधना करें।

Thari Mahima Aparampar Bala Aaya Tere Dwar

थारी महिमा अपरंपार,
बाला आया तेरे द्वार
मेरी बिगड़ी बात बण्या द्यो,
म्हारा बालाजी
ओ प्यारा बालाजी,
थारी महिमा अपरम्पार,
बाला आया तेरे द्वार।।

तुमसे क्या बतलाऊँ बाला,
सबका तू रखवाला
राम का बाला भक्त बड़ा है,
अंजनी माँ का लाला
अंजनी माँ का लाला,
म्हारी खाली झोली भर द्यो,
म्हारा बालाजी
ओ प्यारा बालाजी,
थारी महिमा अपरम्पार,
बाला आया तेरे द्वार।।

दूर दूर स्यु आवे यातरी,
तेरे भोग लगावे
थारी कृपा सु व्हे तो,
मन इक्छा फल पावे
मन इक्छा फल पावे,
म्हारी खाली झोली भर द्यो,
म्हारा बालाजी
ओ प्यारा बालाजी,
थारी महिमा अपरम्पार,
बाला आया तेरे द्वार।।

सीता की सूद ल्याणे खातिर,
लंका में थे आया
संजीवन बूटी लाकर,
लखन का प्राण बचाया
लखन का प्राण बचाया,
म्हारी भी आके अर्जी सुणलो
म्हारा बालाजी,
ओ प्यारा बालाजी
थारी महिमा अपरम्पार,
बाला आया तेरे द्वार।।

बिच भंवर में नाव मेरी,
खा रही है झकोले
आकर लाज बचा ले रे बाला,
मन मेरा डगमग डोले
म्हारी भी नैया पार लगा दो,
म्हारा बालाजी
ओ प्यारा बालाजी,
थारी महिमा अपरम्पार
बाला आया तेरे द्वार।।

थारी महिमा अपरंपार,
बाला आया तेरे द्वार
मेरी बिगड़ी बात बण्या द्यो,
म्हारा बालाजी
ओ प्यारा बालाजी,
थारी महिमा अपरम्पार,
बाला आया तेरे द्वार।।

बालाजी महाराज के दरबार में जो आता है, वह कभी खाली नहीं लौटता। थारी महिमा अपरंपार, बाला आया तेरे द्वार भजन हमें यह प्रेरणा देता है कि जब भी जीवन में कोई संकट आए, तो हमें बस बजरंगबली की शरण में जाना चाहिए। उनकी अपार कृपा से हर कठिनाई सरल हो जाती है। यदि इस भजन ने आपको भक्तिरस में डुबो दिया, तो भक्तो की आई है बारात, बाला को मनाओ जी भजन भी अवश्य पढ़ें, जिसमें भक्तों के प्रेम और श्रद्धा का अनुपम वर्णन किया गया है।

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