ना धन दौलत मैं मांगू ना ही वोट बालाजी भजन लिरिक्स

ना धन दौलत मैं मांगू, ना ही वोट बालाजी भजन सच्ची भक्ति और आत्मिक समर्पण का प्रतीक है। इस भजन में भक्त अपने आराध्य बालाजी महाराज से किसी भौतिक सुख-संपत्ति की कामना नहीं करता, बल्कि केवल उनकी कृपा और भक्ति का वरदान मांगता है। यह भजन हमें यह सिखाता है कि सांसारिक चीजें अस्थायी हैं, लेकिन प्रभु की भक्ति और उनका आशीर्वाद सदा हमारे साथ रहता है। जब कोई भक्त निस्वार्थ भाव से बालाजी महाराज की शरण में आता है, तो उसे जीवन में सच्ची शांति और संतोष की प्राप्ति होती है।

Nadan Daulat main Mangu aur na hi vote Balaji

ना धन दौलत मैं मांगू
ना ही वोट बालाजी,
बस थारे नाम की चाहिए
मने सपोर्ट बालाजी,
बस थारे नाम की चाहिए
मने सपोर्ट बालाजी।।

अपने दिल की बात बताऊँ
सुण ले बाबा सारी,
तेरे भगत ने खुश राखन की
तेरी जिम्मेदारी,
साँची बताऊँ बहुत सही
मने चोट बालाजी,
बस थारे नाम की चाहिए
मने सपोर्ट बालाजी,
बस थारे नाम की चाहिए
मने सपोर्ट बालाजी।।

कोठी बंगले माल खजाना,
ना कुछ काम का
मने सहारा चाहिए बाबा,
तेरे नाम का
मेरी बात ने कर ले,
ईब नोट बालाजी
बस थारे नाम की चाहिए,
मने सपोर्ट बालाजी
बस थारे नाम की चाहिए,
मने सपोर्ट बालाजी।।

‘भीम सेन’ कहे तेरा मेरा,
कितना मेल पुराना
मैं तेरे दर तू मेरे घर,
लग्या रहे आना जाना
तेरे हाथ मेरी ज़िंदगी का,
रिमोट बालाजी
बस थारे नाम की चाहिए,
मने सपोर्ट बालाजी
बस थारे नाम की चाहिए,
मने सपोर्ट बालाजी।।

ना धन दौलत मैं मांगू,
ना ही वोट बालाजी
बस थारे नाम की चाहिए,
मने सपोर्ट बालाजी
बस थारे नाम की चाहिए,
मने सपोर्ट बालाजी।।

बालाजी महाराज की भक्ति हमें यह प्रेरणा देती है कि जीवन में सबसे बड़ा धन प्रभु की कृपा और उनके चरणों में मिलने वाली आत्मिक शांति है। यह भजन हमें यह संदेश देता है कि हमें सांसारिक इच्छाओं से ऊपर उठकर प्रभु की भक्ति में लीन होना चाहिए, क्योंकि यही सच्चा सुख है। जब हम धन, संपत्ति, पद या यश की बजाय प्रभु की भक्ति को अपने जीवन का आधार बनाते हैं, तो हमारे सभी दुख स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं।

Leave a comment