लाल देह और लाल है चोला मुखड़ा भोला भाला भजन लिरिक्स

लाल देह और लाल है चोला, मुखड़ा भोला भाला भजन भगवान हनुमान की महिमा का गुणगान करता है। यह भजन भक्तों के हृदय में श्रद्धा और भक्ति की ज्योति जलाता है। लाल रंग की देह और निर्मल मुखमंडल वाले श्री हनुमानजी की भक्ति में डूबकर जब कोई यह भजन गाता है, तो उसकी आत्मा भी भक्तिरस में सराबोर हो जाती है।

Lal Deh aur Lal Hai Chola Mukhda Bhola Bhala

लाल देह और लाल है चोला
मुखड़ा भोला भाला,
ऐसे बजरंग बाला हो,
माँ अंजनी का लाला,
शीश मुकुट है गदा हाथ में
और गले में माला,
ऐसे बजरंग बाला हो,
माँ अंजनी का लाला।।

बजरंगबली के डर से
सब भूत भाग जाते हैं,
इनकी माला जपने से
सोये भाग्य जाग जाते है,
तो फिर तो,
नई रोशनी नया सवेरा
दूर अंधेरा काला,
ऐसे बजरंग बाला हो,
माँ अंजनी का लाला।।

सियाहरण समय बाला ने,
श्री राम के काज सँवारे
माता का पता लगाया,
और बन गए प्रभु के प्यारे
और फिर,
लंका नगरी को बाला ने,
तहस नहस कर डाला,
ऐसे बजरंग बाला हो,
माँ अंजनी का लाला।।

ये रामभक्त कहलाते,
प्रभु जी दिल में रहते है
इसलिए ये दुनिया वाले,
इनको राम दूत कहते है
प्रभु जी,
इनसे एक पल बिछुड़ ना पाए-
बन्धन है ये निराला,
ऐसे बजरंग बाला हो,
माँ अंजनी का लाला।।

लाल देह और लाल है चोला,
मुखड़ा भोला भाला,
ऐसे बजरंग बाला हो,
माँ अंजनी का लाला,
शीश मुकुट है गदा हाथ में
और गले में माला,
ऐसे बजरंग बाला हो
माँ अंजनी का लाला।।

हनुमानजी केवल बल और भक्ति के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे समर्पण और सेवा भाव की भी सबसे बड़ी मिसाल हैं। इस भजन के माध्यम से हम न केवल उनकी अलौकिक शक्ति का अनुभव करते हैं, बल्कि यह भी समझते हैं कि सच्ची भक्ति में आत्मसमर्पण का भाव कितना महत्वपूर्ण होता है। जब हम श्री हनुमान की महिमा को अपने जीवन में अपनाते हैं, तो हर संकट स्वयं ही टल जाता है। इस भजन को गाकर या सुनकर भक्तों को असीम शांति और ऊर्जा की प्राप्ति होती है। यह हमें याद दिलाता है कि सच्ची श्रद्धा और विश्वास से हनुमानजी अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। तो आइए, उनके चरणों में अपना शीश नवाकर भक्ति के इस मधुर गीत को हृदय से गाएं और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को शुभ बनाएं। ????

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