बजरंगी बलशाली तेरा पार ना कोई पाए भजन हनुमान जी की अपार शक्ति, अद्भुत भक्ति और उनकी असीम कृपा का गुणगान करता है। इस भजन में बताया गया है कि हनुमान जी की महिमा अपरंपार है, और उनकी शक्ति का कोई पार नहीं पा सकता। भक्तों के लिए वे संकटमोचक, रक्षक और सच्चे मार्गदर्शक हैं।
Bajrangi Balisali Tera Paar na Koi Paye
बजरंगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए।
लक्ष्मण को लगी शक्ति,
लक्ष्मण को लगी शक्ति।
संजीवनी ले आए,
बजरँगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए।।
श्री राम की सेना में।
जब शोक लहर दौड़ी,
तब वैद्य शुषेण को तुम।
तब वैद्य शुषेण को तुम,
लंका से बुला लाए।
बजरँगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए।।
सभा बीच विभीषण ने।
जब तुमको ललकारा,
तब फाड़ दिया सीना।
तब फाड़ दिया सीना,
सियाराम दिखलाए।
बजरँगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए।।
सिता की खोज करी।
लंका को जला डाला,
बलबुद्धि का परिचय।
बलबुद्धि का परिचय,
तुम सब को बतलाए।
बजरँगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए।।
बजरंगी बलशाली।
तेरा पार ना कोई पाए,
लक्ष्मण को लगी शक्ति।
लक्ष्मण को लगी शक्ति,
संजीवनी ले आए।
बजरँगी बलशाली,
तेरा पार ना कोई पाए।।
यह भजन हमें यह संदेश देता है कि जो भी सच्चे मन से हनुमान जी की भक्ति करता है, उसे जीवन में कोई भय या बाधा नहीं रोक सकती। वे अपने भक्तों की हर परेशानी का नाश कर उनका कल्याण करते हैं। उनकी कृपा से हर संकट दूर होता है और जीवन में नई ऊर्जा और उमंग का संचार होता है। हनुमान जी की भक्ति करने से हमें शक्ति, धैर्य और साहस प्राप्त होता है। वे हर युग में अपने भक्तों का उद्धार करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। आइए, पूरे श्रद्धा भाव से उनका स्मरण करें और उनकी कृपा के पात्र बनें। जय श्री बजरंगबली! जय हनुमान!