कोई नहीं जहाँ में धनवान मेरे जैसा भजन लिरिक्स

कोई नहीं जहाँ में धनवान मेरे जैसा भजन भक्तों के लिए आध्यात्मिक संपत्ति की महत्ता को उजागर करता है। यह भजन यह संदेश देता है कि सच्ची धन-संपत्ति सांसारिक चीजों में नहीं, बल्कि भगवान की भक्ति और कृपा में है। जिस भक्त के पास हनुमान जी की भक्ति का खजाना है, वह वास्तव में सबसे धनवान है। यह भजन हमें यह सिखाता है कि सच्ची समृद्धि मन की शांति, आत्मबल और ईश्वर की कृपा में ही निहित होती है।

Koi Nahin Jahan main Dhanwan mere jaisa

कोई नहीं जहाँ में,
धनवान मेरे जैसा…
दाता मिला गरीब को,
दाता मिला गरीब को,
हनुमान तेरे जैसा…
कोई नही जहाँ में,
धनवान मेरे जैसा।।

किस्मत की है गरीबी,
तक़दीर का है पैसा…
तक़दीर का ये मालिक,
घबराना तेरा कैसा…
भक्तो को होना चाहिए,
भक्तो को होना चाहिए,
ये ज्ञान मेरे जैसा…
कोई नही जहाँ में,
धनवान मेरे जैसा।।

सरकार सबसे ऊँची,
हनुमान है तुम्हारी…
दीनो के दाता तुमसे,
पहचान है हमारी…
पहुँचा सही ठिकाने,
पहुँचा सही ठिकाने…
अंजाम मेरे जैसा,
कोई नही जहाँ में,
धनवान मेरे जैसा।।

दौलत बनाए बंगला,
पतवार ना बनाए…
माझी नहीं बिकाऊ,
माझी कहाँ से लाए…
समझो लगा किनारे,
समझो लगा किनारे…
नादान मेरे जैसा,
कोई नही जहाँ में,
धनवान मेरे जैसा।।

‘बनवारी’ एक ही है,
धनवान मुझसे ज्यादा…
धोखा तो कर रहा हूँ,
कैसे करूँ इरादा…
धनवान बन सका ना,
धनवान बन सका ना,
हे राम तेरे जैसा…
कोई नही जहाँ में,
धनवान मेरे जैसा।।

कोई नहीं जहाँ में,
धनवान मेरे जैसा…
दाता मिला गरीब को,
दाता मिला गरीब को…
हनुमान तेरे जैसा,
कोई नही जहाँ में,
धनवान मेरे जैसा।।

संसार में अनेक लोग धन, वैभव और सांसारिक सुखों को ही असली संपत्ति मानते हैं, लेकिन सच्चा धन भक्तिभाव और भगवान का आशीर्वाद है। कोई नहीं जहाँ में धनवान मेरे जैसा भजन हमें यह अनुभव कराता है कि जो भी हनुमान जी की भक्ति करता है, वह हर प्रकार के भय, दुख और संकट से मुक्त होकर सच्ची खुशी प्राप्त करता है।

हनुमान जी की कृपा जिस भक्त पर होती है, वह जीवन के हर संकट को सहजता से पार कर लेता है। यह भजन हमें अपने भीतर भक्ति, प्रेम और समर्पण को बनाए रखने की प्रेरणा देता है। आइए, इस भजन के माध्यम से हम हनुमान जी की असीम कृपा का अनुभव करें और अपने जीवन को भक्तिमय बनाएं। जय श्री हनुमान!

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