मेरे लक्ष्मण के तू प्राणों को बचाने आजा भजन हनुमान जी की अपार शक्ति और उनके सेवा भाव को दर्शाता है। यह भजन उस पावन क्षण की याद दिलाता है जब हनुमान जी ने संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी के प्राण बचाए थे। भक्तगण इस भजन के माध्यम से हनुमान जी को संकटमोचन के रूप में पुकारते हैं और उनसे अपने जीवन के संकटों को दूर करने की प्रार्थना करते हैं। यह भजन न केवल हनुमान जी की भक्ति को जाग्रत करता है बल्कि हमें यह भी सिखाता है कि श्रद्धा और समर्पण से हर मुश्किल का हल निकाला जा सकता है।
Mere Lakshman Ke Tu Pranon ko Bachane Aaja
मेरे लक्ष्मण के,
तू प्राणो को बचाने आजा,
लाके संजीवन।
वादा अपना निभाने आजा,
आजा आजा आजा आजा।।
भाई लक्ष्मण के बिन,
अयोध्या कैसे जाऊंगा,
माँ सुमित्रा को।
मुख मैं कैसे तो दिखाऊंगा,
पूछेगी मुझसे लाल मेरा।
कहाँ छोड़ आए,
दिल के टुकड़े को,
कहाँ मेरे तुम तो तोड़ आए।
डूबती राम की नैया को,
बचाने आजा।
लाके संजीवन,
वादा अपना निभाने आजा,
आजा आजा आजा आजा।।
सुबह से पहले,
मेरे बाला जो तू ना आए।
भाई लक्ष्मण के संग,
मुझको भी मारा पाए।
इक भरोसा है मेरा तुझपे,
ओ बजरंगबलि।
तेरे होते तो मेरे सिर से,
विपदा सारी टली।
लाज विश्वास की तू,
फिर से बचाने आजा।
लाके संजीवन,
वादा अपना निभाने आजा,
आजा आजा आजा आजा।।
हे रवि देवा कल सुबह तुम,
उदय ना होना।
तुम जो आए तो पड़े मुझको,
उम्र भर रोना।
आज तक तुमने,
लाज मेरी तो बचाई है।
अब बारी क्यों,
देर तुमने तो लगाई है।
अपने भगवान,
अपयश से बचाने आजा।
लाके संजीवन,
वादा अपना निभाने आजा,
आजा आजा आजा आजा।।
वादा अपना तो,
श्री हनुमतजी निभा आए।
बूटी वाला ही वो तो,
पर्वत ही उठा लाए।
राम ने तुमको,
अपने ह्रदय से लगाया है।
तुमको भाई के जैसा,
राम ने बताया है,
ऐसे ही भक्तो की डूबी।
नैया तिराने आजा,
लाके संजीवन।
वादा अपना निभाने आजा,
आजा आजा आजा आजा।।
मेरे लक्ष्मण के,
तू प्राणो को बचाने आजा।
लाके संजीवन,
वादा अपना निभाने आजा।
आजा आजा आजा आजा।।
हनुमान जी अपने भक्तों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने अपने आराध्य श्री राम के प्रिय लक्ष्मण जी के प्राणों की रक्षा की थी। मेरे लक्ष्मण के तू प्राणों को बचाने आजा भजन हमें यह संदेश देता है कि जब भी जीवन में कोई कठिनाई आए, हमें हनुमान जी का स्मरण करना चाहिए, क्योंकि वे हर संकट को हरने वाले और अपने भक्तों की रक्षा करने वाले हैं।
इस भजन के माध्यम से हम हनुमान जी की असीम कृपा को महसूस कर सकते हैं और उनकी भक्ति में लीन होकर अपनी समस्याओं का हल पा सकते हैं। संकट के समय बजरंग बली का नाम जपने मात्र से जीवन की हर बाधा दूर हो जाती है। जय श्री राम! जय बजरंग बली! ????

I am Shri Nath Pandey and I am a priest in a temple, which is located in Varanasi. I have been spending my life worshiping for the last 6 years. I have dedicated my soul completely to the service of God. Our website is a source related to Aarti, Stotra, Chalisa, Mantra, Festivals, Vrat, Rituals, and Sanatan Lifestyle. View Profile