चलो दर्शन को मेहंदीपुर चलिए जहाँ बालाजी का दरबार है लिरिक्स

चलो दर्शन को मेहंदीपुर चलिए, जहाँ बालाजी का दरबार है भजन भक्तों के मन में भक्ति और उत्साह की लहर जगाता है। यह भजन बालाजी महाराज की दिव्यता और उनके दरबार की महिमा का गुणगान करता है। मेहंदीपुर बालाजी धाम श्रद्धालुओं के लिए आस्था, चमत्कार और भक्ति का केंद्र है, जहाँ हनुमान जी अपने भक्तों के कष्ट हरते हैं और उन्हें सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं। यह भजन भक्तों को बालाजी महाराज की कृपा का अनुभव कराकर उनकी शरण में जाने की प्रेरणा देता है।

Chalo Darshan Ko Mehandipur Chaliye Jahan Balaji ka Darbar hai

चलो दर्शन को मेहंदीपुर चलिए,
जहाँ बालाजी का दरबार है,
तेरे संकट सभी कट जाएंगे
वो ही संकट के काटन हार है,
चलों दर्शन को मेहंदीपुर चलिए।।

तुम यहाँ आओ अर्जी लगाओ,
ध्याम लगाओ बाबा का,
ज्योति जगाओ शीश झुकाओ
कीर्तन गाओ बाबा का,
जिसे बाबा पे होता विश्वास है
पूरण होती उसी की यहाँ आस है,
अंधेर नहीं कुछ देर है
सारा झुकता यहाँ संसार है,
चलों दर्शन को मेहंदीपुर चलिए।।

प्रेत राज का राज यहाँ पर,
आज फसे कोई काल फसे
भेरों का दरबार यहाँ पर,
बच ना सके कोई छुप ना सके
भूत प्रेतों का बालाजी काल है,
ये काटे सभी के जंजाल है
तू भी आके यहाँ सर टेक ले,
ये तो करते सभी पर उपकार है,
चलों दर्शन को मेहंदीपुर चलिए।।

मंगल और शनि को यहाँ पे,
लगता मेला भारी है,
दूर दूर से कष्ट मिटाने
आते यहाँ नर नारी है,
तीनो लोको में पावन धाम है
होती आरती सुबह और शाम है,
तू जयकारा लगाले इस नाम का
तेरे संग में ‘धामा’ और ‘रामावतार’ है,
चलों दर्शन को मेहंदीपुर चलिए।।

चलो दर्शन को मेहंदीपुर चलिए,
जहाँ बालाजी का दरबार है,
तेरे संकट सभी कट जाएंगे
वो ही संकट के काटन हार है,
चलों दर्शन को मेहंदीपुर चलिए।।

बालाजी महाराज का दरबार वह पवित्र स्थान है, जहाँ हर भक्त अपने दुख, तकलीफ और जीवन की परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए आता है। चलो दर्शन को मेहंदीपुर चलिए भजन हमें यह संदेश देता है कि जब भी जीवन में कोई संकट आए, बालाजी के चरणों में समर्पण करने से सभी बाधाएँ दूर हो जाती हैं। उनका आशीर्वाद भक्तों को शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

इस भजन के माध्यम से हम सभी को हनुमान जी के प्रति अपनी आस्था को और मजबूत करने का अवसर मिलता है। जब भी मन में कोई शंका या चिंता हो, बालाजी महाराज का स्मरण करें और उनकी कृपा से अपने जीवन को सुख-समृद्धि से भर लें। जय श्री बालाजी महाराज! ????

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