ओ मंगलकारी चरणों में शत शत प्रणाम भजन लिरिक्स

ओ मंगलकारी चरणों में शत शत प्रणाम भजन भगवान हनुमान जी की महिमा और उनकी कृपा का गुणगान करता है। यह भजन भक्तों के हृदय से निकली उस श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक है, जो वे संकटमोचन हनुमान जी के चरणों में अर्पित करते हैं। जब भी हम किसी कठिनाई में होते हैं, हनुमान जी की शरण में जाना ही हमारा सबसे बड़ा सहारा बनता है। यह भजन उनकी कृपा, उनके बल और भक्तों पर उनकी अपार दया को समर्पित है।

Mangalkari Charanon Mein shat-shat Pranam

दोहा –
मेहंदीपुर में देखले,
झुकती ये दुनिया सारी…
कटते है उनके संकट,
आते जो नर नारी।

महिमा का तेरी,
कैसे करूँ मैं बखान,
ओ मंगलकारी…
चरणों में शत शत प्रणाम,
दुनिया में जिसने ओ बाबा,
तुमको जनम दिया…
दुनिया की उस पूज्य माँ के,
चरणों को प्रणाम,
शक्ति मिली है तुमको…
जिस माँ के दूध से,
उस रतन उस नयन,
उसके तन को प्रणाम…
ओ मँगलकारी,
चरणों में शत शत प्रणाम।।

मुख में जो सूर्य रखा,
तो प्रकाश गुम हुआ,
हे अंजनी के नंदन…
लो कबुल कर दुआ,
उस सफर उस डगर,
उस समय को प्रणाम…
उस सफर उस डगर,
उस समय को प्रणाम…
पल में अँधेरा टाला,
ब्रम्हांड का तभी…
उस उमर उस नज़र,
और बल को प्रणाम…
ओ मँगलकारी,
चरणों में शत शत प्रणाम।।

संकट है कटते जहाँ,
मेहंदीपुर वो धाम है,
क्योकि वहां पर भी तेरे…
ह्रदय में राम है,
भागते है भुत बाबा,
एक तेरे नाम से…
सुनते है खुश तू होता,
बस राम नाम से,
होता ‘अजय’ जो तेरी…
भक्ति में खो गया,
धीरज है मिलता उसको,
आता जो धाम है…
मोहन की मुरली जैसी,
मन में समा गई,
ऐसी निराली तेरी…
छवि को प्रणाम,
जन्मो जनम ना होगी,
जन्मो जनम ना होगी…
महिमा तेरी बखान,
ऐसी अलौकिक शक्ति,
अमर को प्रणाम…
ओ मँगलकारी,
चरणों में शत शत प्रणाम।।

महिमा का तेरी,
कैसे करूँ मैं बखान…
ओ मंगलकारी,
चरणों में शत शत प्रणाम।।

हनुमान जी की भक्ति करने वाले भक्त कभी अधीर नहीं होते, क्योंकि वे जानते हैं कि संकटमोचन उनकी रक्षा के लिए सदा तत्पर रहते हैं। ओ मंगलकारी चरणों में शत शत प्रणाम भजन हमें यह सिखाता है कि जब तक हम सच्चे मन से भगवान के चरणों में समर्पित रहते हैं, तब तक कोई भी बाधा हमें डगमगा नहीं सकती। यह भजन भक्तों को आध्यात्मिक शांति और आंतरिक शक्ति प्रदान करता है।

हनुमान जी के चरणों में की गई सच्ची प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती। जब भी मन विचलित हो, जीवन में परेशानियां आएं, तब इस भजन को गाकर उनके चरणों में नतमस्तक हो जाएं। उनकी कृपा से हर संकट समाप्त हो जाता है और मन को असीम शांति प्राप्त होती है। जय श्री हनुमान! ????

Leave a comment