बूटी ला दे रे बालाजी, बूटी ला दे रे भजन बालाजी महाराज से कृपा और आशीर्वाद की प्रार्थना करता है। यह भजन उनकी चमत्कारी शक्ति और भक्तों के प्रति उनकी करुणा को दर्शाता है। जिस प्रकार हनुमान जी संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी को जीवनदान देते हैं, उसी तरह भक्त इस भजन के माध्यम से बालाजी से अपने जीवन की कठिनाइयों और रोगों से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना करते हैं। यह भजन आस्था, विश्वास और भक्ति का अद्भुत संगम है, जो भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है।
Buti la de re Balaji Buti la de re
बूटी ला दे रे बालाजी,
बूटी ला दे रे,
कहे ये राम पुकार।
ओ मेरे पवनकुमार,
लखन के प्राण बचा ले रे।
बुटी ला दे रे बालाजी,
बूटी ला दे रे।।
असुरो ने इसे शक्ति लगाई,
मेरे लखन ने सुध बिसराई,
देखो ये कैसे सोया है।
मेरा सब कुछ ही खोया है,
संजीवन बूटी जो आए,
मेरा लखन जीवित हो जाए।
ना इनका ना मेरे बस का,
काम है ये बस तेरे बस का,
जा जल्दी जा बूटी तू ले आ।
देर कहीं ना हो जाए ज्यादा,
बुटी ला दे रे,
बुटी ला दे रे बालाजी,
बुटी ला दे रे।।
पहले वन में खोई नारी,
अब मुश्किल भाई पे भारी,
अवधपुरी कैसे जाऊंगा।
माँ को क्या मुंह दिखलाऊंगा,
लक्ष्मण है इकलौता बेटा,
सुधबुध खोकर ये है लेटा।
ओ बालाजी संकट टारो,
संकट मोचन नाम तिहारो।
द्रोणागिरी पर्वत पर जाओ,
संजीवन को ढूंढ के लाओ,
देखो ना ज्यादा देर लगाना।
भोर से पहले वापस आना,
बुटी ला दे रे,
बुटी ला दे रे बालाजी,
बुटी ला दे रे।।
इतना सुनकर बजरंग बाला,
शीश नवाकर हो मतवाला,
उड़ गया ऊँचे अम्बर में वो।
ओझल हो गया नजरों से वो,
द्रोणगिरी पर वो जा पंहुचा,
माया रच दी असुरो ने वहाँ।
जब बूटी ना मिली हनुमत को,
ढूंढ ढूंढ के झुंझला गया वो,
कब पूरा पर्वत ही उठाया।
और अयोध्या पर जब आया,
तीर चलाया वीर भरत ने,
राम नाम बोला हनुमत ने।
धरती पर जब गिरे हनुमंता,
वीर भरत को हो गई चिंता,
हनुमत ने सब हाल सुनाया।
सुन के भरत ने शीघ्र पठाया,
सूर्योदय से पहले बेखबर,
जोर जोर से बोले वानर।
बुटी ला दे रे,
बुटी लाए रे बालाजी,
बुटी लाए रे।।
बूटी ला दे रे बालाजी,
बूटी ला दे रे,
कहे ये राम पुकार।
ओ मेरे पवनकुमार,
लखन के प्राण बचा ले रे।
बुटी ला दे रे बालाजी,
बूटी ला दे रे।।
बालाजी महाराज की कृपा जिसके भी जीवन में उतर जाती है, उसका हर संकट स्वतः ही समाप्त हो जाता है। यह भजन हमें यह सिखाता है कि जब हम सच्चे मन से बालाजी को पुकारते हैं, तो वे हमारी हर समस्या का समाधान करते हैं। उनकी भक्ति में वह शक्ति है, जो जीवन के अंधकार को दूर कर प्रकाश की ओर ले जाती है। बालाजी का नाम जपने से मन को शांति, आत्मबल और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।
बूटी ला दे रे बालाजी, बूटी ला दे रे केवल एक भजन नहीं, बल्कि भक्त की अपने आराध्य के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है। यह हमें प्रेरित करता है कि हम भी अपनी कठिनाइयों को दूर करने के लिए बालाजी की शरण में जाएँ और उनके नाम का स्मरण करें। उनकी कृपा से हर असंभव कार्य भी संभव हो जाता है, और जीवन आनंदमय एवं मंगलमय हो जाता है।

I am Shri Nath Pandey and I am a priest in a temple, which is located in Varanasi. I have been spending my life worshiping for the last 6 years. I have dedicated my soul completely to the service of God. Our website is a source related to Aarti, Stotra, Chalisa, Mantra, Festivals, Vrat, Rituals, and Sanatan Lifestyle. View Profile