जय रघुनन्दन जय सियाराम भजन लिरिक्स

राम भक्तों के हृदय में गूंजता एक मधुर और भावभीना नाम जय रघुनन्दन जय सियाराम जब भी हम इसका स्मरण करते हैं, हृदय भाव-विभोर हो उठता है। यह भजन प्रभु श्रीराम की महिमा, उनकी करूणा और भक्ति की उस दिव्यता को प्रकट करता है, जिससे मन एक अनोखी शांति का अनुभव करता है। आइए, इस भजन के माध्यम से प्रभु के चरणों में अपनी आस्था अर्पित करें।

Jay Raghunandan Jay Siyaram

जय रघुनन्दन जय सियाराम,
हे दुखभंजन तुम्हे प्रणाम।।

भ्रात भ्रात को हे परमेश्वर,
स्नेह तुन्ही सिखलाते…
नर नारी के प्रेम की ज्योति,
जग में तुम्ही जलाते…
ओ नैया के खेवन हारे,
जपूं मै तुम्हरो नाम…
जय रघुनंदन जय सियाराम,
हे दुखभंजन तुम्हे प्रणाम।।

तुम ही दया के सागर प्रभु जी,
तुम ही पालन हारे…
चैन तुम्ही से पाए बेकल,
मनवा सांझ सकारे…
जो भी तुम्हरी आस लगाये,
बने उसी के काम…
जय रघुनंदन जय सियाराम,
हे दुखभंजन तुम्हे प्रणाम।।

जय रघुनन्दन जय सियाराम,
हे दुखभंजन तुम्हे प्रणाम।।

श्रीराम का नाम ही वह दीपक है जो अंधकार से रोशनी की ओर ले जाता है। जय रघुनन्दन जय सियाराम जैसे भजनों का पाठ आत्मा को निर्मल करता है और प्रभु से एक गहरा जुड़ाव बनाता है। इसी दिव्यता में डूबने के लिए आप राम नाम अति मीठा है कोई गा के देख ले, राम मेरे घर आएंगे आएंगे प्रभु आएंगे, राम नाम ही सत्य है केवल राम का गुणगान करो जैसे अन्य राम भजनों को भी ज़रूर पढ़ें और प्रभु की भक्ति में लीन हों।

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