मुझसे अधम अधीन उबारे न जाएँगे भजन लिरिक्स

जब मनुष्य अपने दोषों और दुर्बलताओं से हार मान जाता है, तब एकमात्र आश्रय भगवान श्रीराम का नाम ही होता है। मुझसे अधम अधीन उबारे न जाएँगे भजन हमारे भीतर की उस विनम्र पुकार को दर्शाता है, जब हम अपने प्रभु से कह उठते हैं कि हमसे अपने जैसे अधम का उद्धार नहीं होगा, हे राम! आप ही कृपा करें। यह भजन न केवल भक्ति की गहराई को दर्शाता है, बल्कि आत्मसमर्पण की चरम अवस्था को भी छूता है।

Mujhse Adham Adhin Ubare Na Jayenge

मुझसे अधम अधीन,
उबारे न जाएँगे…
प्रभु आप दीनबंधु,
पुकारे ना जाएँगे…
मुझसें अधम अधीन,
उबारे न जाएँगे।।

खामोश हूँगा मैं भी,
अगर आप ये कह दो…
अब मुझसे कभी,
पातकी तारे न जाएँगे…
प्रभु आप दीनबंधु,
पुकारे न जाएँगे…
मुझसें अधम अधीन,
उबारे न जाएँगे।।

जो बिक चुके हैं और,
खरीदा है आपने…
अब वह गुलाम ग़ैर के,
द्वारे न जाएँगे…
प्रभु आप दीनबंधु,
पुकारे ना जाएँगे…
मुझसें अधम अधीन,
उबारे न जाएँगे।।

पृथ्वी के भार आपने,
सौ बार उतारे…
क्या मेरे पाप भार,
उतारे न जाएँगे…
प्रभु आप दीनबंधु,
पुकारे ना जाएँगे…
मुझसें अधम अधीन,
उबारे न जाएँगे।।

तब तक न चरण आपके,
संतोष पाएँगे…
द्रिग ‘बिन्दु’ में जब तक ये,
पखारे न जाएँगे…
प्रभु आप दीनबंधु,
पुकारे ना जाएँगे…
मुझसें अधम अधीन,
उबारे न जाएँगे।।

मुझसे अधम अधीन,
उबारे न जाएँगे…
प्रभु आप दीनबंधु,
पुकारे ना जाएँगे…
मुझसें अधम अधीन,
उबारे न जाएँगे।।

मुझसे अधम अधीन उबारे न जाएँगे भजन हमें सिखाता है कि जब स्वयं पर भरोसा टूट जाए, तब प्रभु की शरण ही अंतिम आशा होती है। राम नाम का स्मरण और उनकी कृपा ही जीवन की नैया पार लगाती है। यदि यह भावस्पर्शी भजन आपके हृदय को छू गया हो, तो राम मेरे घर आएंगे आएंगे प्रभु आएंगे, राम नाम जप ले एक यही संग जाई राम सुमिरले भाई, कब सुधि लोगे मेरे राम तथा राम से बड़ा राम का नाम जो सुमिरे भव पार हो जाए जैसे अन्य राम भजनों को भी ज़रूर पढ़ें।

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