लाल ध्वजा हाथों में लेके अयोध्या नगरी जाएंगे लिरिक्स

लाल ध्वजा हाथों में लेके अयोध्या नगरी जाएंगे भक्ति से ओतप्रोत एक ऐसा प्रेरणादायक भजन है जो राम भक्तों के उत्साह और श्रद्धा को दर्शाता है। यह भजन न केवल प्रभु श्रीराम के प्रति हमारी आस्था को उजागर करता है, बल्कि अयोध्या नगरी की भव्यता और धार्मिक महत्त्व को भी भावपूर्ण स्वरूप में प्रस्तुत करता है। इसमें उस भाव को जीवंत किया गया है जब एक भक्त अपने आराध्य के दर्शन को आतुर हो, और हाथों में लाल ध्वजा लिए, रामलला के दरबार में अर्पण करने को निकले।

Lal Dhwaja Hathon Mein Lekar Ayodhya Nagari jayenge

लाल ध्वजा हाथों में लेके,
अयोध्या नगरी जाएंगे
कसम है मेरे राम की,
हम मंदिर वहीँ बनाएँगे
कसम है मेरे राम की,
हम मंदिर वहीँ बनाएँगे।।

माथे पर देखो तिलक लगा के,
चली है शिव सेना,
आर एस एस के मेरे भाई
इनका क्या कहना,
राम ने चाहा अगले बरस हम
राम ने चाहा अगले बरस,
दिवाली वहीँ मनाएँगे
कसम है मेरे राम की,
हम मंदिर वहीँ बनाएँगे।।

तुम भी चलोगे हम भी चलेंगे,
चलेंगे सीना तान,
किसी का हमको भय नही है
साथ में है हनुमान,
जय जय जय श्री राम का,
जय जय जय श्री राम का
जयकारा साथ लगाएँगे,
कसम है मेरे राम की,
हम मंदिर वहीँ बनाएँगे।।

राम की भूमि राम का मंदिर,
मैं भी हूँ श्री राम का
मेरे राम को जो ना भजे वो,
नही है हिंदुस्तान का,
जो मंदिर बनने से रोके

जो मंदिर बनने से रोके,
उसको मार भगाएँगे
कसम है मेरे राम की,
हम मंदिर वहीँ बनाएँगे।।

राम लखन सिया जानकी,
जय बोलो हनुमान की
बात ये मैंने ठान ली,
मैं बेटी परशुराम की
‘पूजा शंकर’ साथ में ‘दीप्ती’
सबका साथ निभाएँगे
कसम है मेरे राम की,
हम मंदिर वहीँ बनाएँगे।।

लाल ध्वजा हाथों में लेके,
अयोध्या नगरी जाएंगे
कसम है मेरे राम की,
हम मंदिर वहीँ बनाएँगे
कसम है मेरे राम की,
हम मंदिर वहीँ बनाएँगे।।

लाल ध्वजा लहराते हुए अयोध्या नगरी की ओर बढ़ते कदम न सिर्फ राम भक्ति का प्रतीक हैं, बल्कि यह दर्शाते हैं कि जब मन में राम का नाम हो और हाथों में सेवा का संकल्प, तब हर राह स्वयं सरल हो जाती है। ऐसे ही और भावपूर्ण भजनों को पढ़ें जैसे – राम मेरे घर आएंगे आएंगे प्रभु आएंगे, राम जन्मभूमि पर जाकर जीत के दीप जलाएंगे, देख कर रामजी को जनक नंदिनी और बधैया बाजे आँगने में श्रीराम जन्म। राम नाम के रंग में रँगिए और हर दिन को राममय बनाइए। जय श्रीराम!

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