राम जन्मभूमि पर जाकर जीत के दीप जलाएंगे भजन में भगवान श्रीराम के जन्म स्थान, अयोध्या में दीपों से सजाने और उनकी महिमा का जश्न मनाने का उल्लेख किया गया है। यह भजन हमें बताता है कि राम के अद्भुत कार्यों और उनके आदर्शों को सम्मान देने के लिए उनके जन्मभूमि पर दीप जलाना एक प्रतीक है। यह भजन एक प्रेरणा है, जिसमें हम भगवान श्रीराम की जीत, उनके धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा का उल्लासपूर्ण उल्लेख करते हैं।
Ram Janmabhoomi Per Jakar Jeet ke Deep Jalayenge
राम जन्मभूमि पर जाकर,
जीत के दीप जलाएंगे।
कलयुग के रावण अब भय से,
अपनी खैर मनाएंगे।।
राम अयोध्या जब लौटे,
जले थे दीपक घर घर में।
सियाराम के जयकारे भी,
गूंज उठे थे अम्बर में।
जाके अयोध्या दिवाली में,
फुलझड़िया हम जलाएंगे।
कलयुग के रावण अब भय से,
अपनी खैर मनाएंगे।।
देश के कोने कोने से जब,
भक्तो की टोली आएगी।
उनकी भक्ति की शक्ति से,
ये दुनिया अब थर्राएगी।
जय श्री राम का झंडा अब तो,
हर घर में लहराएगा।
कलयुग के रावण अब भय से,
अपनी खैर मनाएंगे।।
राम जन्मभूमि पर जाकर,
जीत के दीप जलाएंगे।
कलयुग के रावण अब भय से,
अपनी खैर मनाएंगे।।
राम जन्मभूमि पर जाकर जीत के दीप जलाएंगे भजन के माध्यम से हम भगवान श्रीराम के जन्मस्थान को सम्मानित करते हैं और उनके विजय के प्रतीक दीपों को जलाते हैं। राम के अन्य भजनों को पढ़ें और उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें, जैसे राम का नाम अलबेला, राम से बड़ा राम का नाम, राम सिया राम से नयनाभिरामा से कह देना मेरा प्रणाम, और राम नाम का जादू दुनिया पे छा रहा है। जय श्रीराम!

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile