आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया भजन में मिथिला की नगरी और वहाँ के आभा का वर्णन किया गया है। यह भजन देवी सीता के जन्म स्थान मिथिला के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को उजागर करता है। सखियाँ राम और सीता की जोड़ी की चर्चा करती हैं, और यह भजन मिथिला नगर की खुशहाली, समृद्धि और धार्मिकता को प्रतीक रूप में प्रस्तुत करता है। यह भजन पढ़ें और भगवान राम के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेम को और प्रगाढ़ करें, साथ ही मिथिला की भूमि की पवित्रता का सम्मान करें।
Aaj Mithila Nagariya Nihal Sakhiya
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया।।
शेषमणि मोरिया कुंडल सोहे कनुआ,
कारी कारी कजरारी जुल्मी नयनवा।
लाल चंदन सोहे इनके भाल सखियां,
चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया।।
श्यामल श्यामल गोरे-गोरे जुड़िया जहान रे,
अखियां ने देख ली नी सुन ली ना कान रे।
जुगे जुगे जीबे जोड़ी बेमिसाल सखिया,
चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया।।
गगन मगन आज मगन धरतीया,
देखी देखी दूल्हा जी के सांवर सुरतिया।
बालू वृद्ध नर नारी सब बेहाल सखियां,
चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया।।
जेकरा लागी जोगी मुनि जब-तब कईले,
से मोरे मिथिला में पहने बन के आई ले।
आज लोढ़ा से सैदाई इनके गाल सखियां,
चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया।।
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया।।
आज मिथिला नगरिया निहाल सखिया भजन में हम राम और सीता की युगल जोड़ी की भक्ति में डूब जाते हैं और मिथिला की पावन भूमि को नमन करते हैं। भगवान राम और सीता के अन्य भजनों को भी पढ़ें और उनका ध्यान करें, जैसे राम का नाम अलबेला, राम से बड़ा राम का नाम, राम सिया राम से नयनाभिरामा से कह देना मेरा प्रणाम, और राम नाम का जादू दुनिया पे छा रहा है। जय श्रीराम!

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile