आज हम एक और अद्भुत भजन डाल रही वरमाला अब तो जानकी श्री राम विवाह का रसास्वादन करेंगे, जो भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह के शुभ अवसर पर आधारित है। यह भजन उस पवित्र पल को दर्शाता है जब माता सीता ने भगवान राम को वरमाला पहनाई, एक ऐसा क्षण जो न केवल अयोध्या बल्कि समस्त भारतवर्ष के लिए आशीर्वाद और खुशी का प्रतीक बन गया। आइए, इस भजन को पढ़ते हैं और श्रीराम के विवाह के पवित्र और दिव्य मिलन का आनंद लेते हैं।
Dal Rahi Varmala Ab To Janaki
दोहा –
धनुष तोड़ा शिव जी का।
श्री राम जी ने,
जनक नंदनी मन में हर्षा गई है।
विधाता मेरी पूर्ण की कामनाएं,
ख़ुशी की सुहानी घड़ी आ गई है।।
डाल रही वरमाला अब तो जानकी।
जय बोलो जय बोलो सीताराम की,
फूलों की बारिश यहाँ पे हो रही।
कृपा हो गई आज श्री भगवान की,
डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,
जय बोलो जय बोलो सीताराम की।।
अब जनक की पूर्ण अभिलाषा हुई सारी।
मिट गया संताप जबसे दिल में था भारी,
डाल वरमाला सिया ने राम पाए है।
आज सखियों ने भी मंगल गीत गाए है,
महीमा अपरंपार इनके नाम की।
जय बोलो जय बोलो सीताराम की,
डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,
जय बोलो जय बोलो सीताराम की।।
वेद मंत्रो की ध्वनि अब गूँजने लगी।
इस खुशी में देवीयां सब झुमने लगी,
आज शुभ दिन हम सभी के जीवन में आया।
सियाराम के नाम से हर दिल है मुस्काया,
‘हेमा’ रामायण है स्वाभिमान की।
जय बोलो जय बोलो सीताराम की,
डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,
जय बोलो जय बोलो सीताराम की।।
डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी।
जय बोलो जय बोलो सीताराम की,
फूलों की बारिश यहाँ पे हो रही।
कृपा हो गई आज श्री भगवान की,
डाल रहीं वरमाला अब तो जानकी,
जय बोलो जय बोलो सीताराम की।।
श्रीराम और सीता के विवाह के इस अद्भुत क्षण को समझते हुए हम और अधिक भक्ति में डूब जाते हैं। श्री राम विवाह के भजन और सीता राम की जोड़ी जैसे अन्य भजनों को पढ़कर हमें उनके मिलन की महानता और जीवन में प्रेम, सत्य और धर्म के महत्व का अहसास होता है। श्रीराम के भजनों को राम का नाम जपें, जीवन सफल होगा जैसे भजनों के साथ जोड़कर, हम अपनी भक्ति को और भी प्रगाढ़ कर सकते हैं। श्रीराम और सीता की जोड़ी हमें दिखाती है कि सच्चे प्रेम और समर्पण से जीवन की हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।