यह भजन रामभक्त श्रीलखन जी के प्रति एक गहरी श्रद्धा और प्रेम को व्यक्त करता है। इसमें भक्त भगवान राम के प्रिय भाई लखन जी से आग्रह करता है कि वे कुछ बोलें और भक्त की प्रार्थना का उत्तर दें। भजन में लखन जी की शरण में जाने की और उनके साथ प्रेमपूर्ण संबंध स्थापित करने की भावना व्यक्त की जाती है। यह भजन न केवल श्रीराम के भाई के प्रति श्रद्धा को प्रकट करता है, बल्कि उनके आदर्शों और उनके साथ के बंधन को भी सशक्त बनाता है।
Mere Lakhan Dulare Bol Kachhu Bol
मेरे लखन दुलारे बोल कछु बोल।
मत भैया को रुला रे बोल कछु बोल,
भैया भैया कह के, भैया भैया कह के।
रस प्राणों में घोल,
मेरे लखन दुलारें बोल कछु बोल।।
इस धरती पे और ना होगा।
मुझ जैसा हतभागा,
मेरे रहते बाण शक्ति का।
तेरे तन में लागा,
जा नहीं सकता तोड़ के ऐसे।
मुझसे नेह का धागा,
मैं भी अपने प्राण तजूँगा।
आज जो तू नहीं जागा,
अंखियो के तारे, अंखियो के तारे।
लल्ला अंखिया तू खोल,
मेरे लखन दुलारें बोल कछु बोल,
मत भैया को रुला रे बोल कछु बोल।।
बीती जाए रेन पवनसुत,
क्यों अब तक नहीं आए।
बुझता जाए आस का दीपक,
मनवा धीर गंवाए।
सूर्य निकलकर सूर्य वंश का,
सूर्य डुबो ना जाए।
बिना बुलाये बोलने वाला,
बोले नहीं बुलाये।
चुप चुप रहके, चुप चुप रहके,
मेरा धीरज ना तोल।
मेरे लखन दुलारें बोल कछु बोल,
मत भैया को रुला रे बोल कछु बोल।।
मेरे लखन दुलारे बोल कछु बोल,
मत भैया को रुला रे बोल कछु बोल।
भैया भैया कह के भैया भैया कह के,
रस प्राणों में घोल।
मेरे लखन दुलारें बोल कछु बोल।।
इस भजन में लखन जी के प्रति भक्त की श्रद्धा और प्रेम व्यक्त किया गया है, और यह हमें यह सिखाता है कि श्रीराम के परिवार के प्रत्येक सदस्य में परमात्मा के गुण और आशीर्वाद छिपे हुए हैं। जैसे इस भजन में लखन जी को पुकारा गया है, वैसे ही हमें भी राम के सभी भक्तों से प्रेम और श्रद्धा रखना चाहिए। लखन जी के भजनों और राम के अन्य भजनों को भी पढ़ें, ताकि हमारी भक्ति और भी गहरी हो सके।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile