जल जाए जिव्हा पापनी राम के बिना भजन लिरिक्स

यह भजन हमें चेतावनी देता है कि बिना श्रीराम के नाम का जाप किए, जीवन के सभी पाप और विकारों का नाश नहीं हो सकता। इसमें बताया गया है कि जब तक व्यक्ति के मन और वचन से राम के नाम का उच्चारण नहीं होता, तब तक उसकी आत्मा शुद्ध नहीं हो सकती। इस भजन में राम के बिना जीवन की निरर्थकता और पापों का महत्व गहरे रूप से व्यक्त किया गया है। यह भजन हमें यह भी सिखाता है कि राम का नाम ही वह अमृत है, जो जीवन के हर कष्ट और पाप को दूर कर सकता है।

Jal Jaaye Jivha Papani Ram Ke Bina

जल जाए जिव्हा पापनी
राम के बिना,
राम के बिना हो भैया
राम के बिना हो भैया,
श्याम के बिना
जल जाये जिव्हा पापनी,
राम के बिना।।

पंछी पंख बिन बिच्छू डंक बिन
आरती शंख बिना,
गणित अंक बिन कमल पंक बिन
निशा मयंक बिना,
व्यर्थ भ्रमण चिंतन भाषण
नहीं अच्छे काम बिना,
जल जाये जिव्हा पापनी,
राम के बिना।।

क्षत्रिय आन बिन बिप्र ज्ञान बिन
घर संतान बिना,
देह प्राण बिन हाथ दान बिन
भोजन मान बिना,
मोर का है बेकार नाचना
जीव घनश्याम बिना,
जल जाये जिव्हा पापनी,
राम के बिना।।

क्रिया कान्त बिन मठ महंत बिन
हाथी दंत बिना,
ग्राम पंच बिन ऋतु बसंत बिन
आदि अंत बिना,
नाम बिना नर ऐसे जैसे
अश्व लगाम बिना,
जल जाये जिव्हा पापनी,
राम के बिना।।

जल जाए जिव्हा पापनी
राम के बिना,
राम के बिना हो भैया
राम के बिना हो भैया,
श्याम के बिना
जल जाये जिव्हा पापनी,
राम के बिना।।

जैसे इस भजन में राम के बिना जीवन के पापों का अहसास किया गया है, वैसे ही हमें अपने जीवन में हर पल श्रीराम के नाम का जाप करना चाहिए। राम के नाम का महात्म्य और राम के अन्य भजनों को पढ़कर हम अपने जीवन में शांति और सुकून पा सकते हैं। राम के बिना जीवन निस्सार है, और यही सत्य हमें अपने हृदय में बसाना चाहिए।

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