यह भजन भगवान श्री राम की भक्ति में डूबे होने का भाव व्यक्त करता है। इसमें भक्त श्री राम से प्रार्थना कर रहे हैं कि उनके रोम-रोम में श्री राम का नाम बस जाए, जिससे हर क्षण में भगवान की याद बनी रहे और उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहे। भजन में राम राम हो रमापति का जप करते हुए यह विश्वास और भावनाएँ व्यक्त की जा रही हैं कि जब भगवान राम के नाम से हर अंग में भक्ति बसी हो, तो जीवन में सुख, शांति और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Likh Do Mhare Rom Rom Me Ram Ram Ho Rampati
दोहा –
संत हमारी आत्मा और,
मै संतन की देह।
रोम रोम में रम रया,
प्रभु ज्यु बादल बिच महेश।।
लिख दो म्हारे रोम रोम में,
राम राम हो रमापति।
राम राम हो उमापति,
लिख दो जय सियाराम जी।।
शीश पे म्हारे शिवजी लिख दो,
कानो पे कन्हैया राम।
नैणो में नरसिंह लिख दो,
नाक पे नंदलाला राम।
लिख दो म्हारें रोम रोम में,
राम राम हो रमापति।
राम राम हो उमापति,
लिख दो जय सियाराम जी।।
होंठों पे हरिहर लिख दो,
दांतो पे दयालु राम।
जीभ पे जगदीश लिख दो,
कंठ पे कमलापति राम।
लिख दो म्हारें रोम रोम में,
राम राम हो रमापति।
राम राम हो उमापति,
लिख दो जय सियाराम जी।।
गला में म्हारे गिरधारी लिख दो,
मुख पर मुरली वाला राम।
भुजा पे भगवान लिख दो,
हाथो पे हनुमाना राम।
लिख दो म्हारें रोम रोम में,
राम राम हो रमापति।
राम राम हो उमापति,
लिख दो जय सियाराम जी।।
छाती पे चतुर्भुज लिख दो,
पेट पे परमेश्वर राम।
जान्गो में जगदम्बा लिख दो,
नाभी पे नारायण राम।
लिख दो म्हारें रोम रोम में,
राम राम हो रमापति।
राम राम हो उमापति,
लिख दो जय सियाराम जी।।
गोडा म्हारे गोविंदा लिख दो,
पिन्दी में परमानन्द राम।
सुन्डी पे अचागिरी लिख दो,
चरणों में चारो ही धाम।
लिख दो म्हारें रोम रोम में,
राम राम हो रमापति।
राम राम हो उमापति,
लिख दो जय सियाराम जी।।
इतरो तो लिख दिजो दाता,
भवजल पार उतारो राम।
लिखमो थारे चरणे आवे,
एक अरज सुन लिजो राम।
लिख दो म्हारें रोम रोम में,
राम राम हो रमापति।
राम राम हो उमापति,
लिख दो जय सियाराम जी।।
लिख दो म्हारे रोम रोम में,
राम राम हो रमापति।
राम राम हो उमापति,
लिख दो जय सियाराम जी।।
इस भजन में श्री राम के नाम के महत्व को जो भक्ति और आशीर्वाद की शक्ति प्रदान करता है, वही हमें हर समय याद दिलाता है कि जीवन के हर पल में भगवान राम का नाम हमारे ह्रदय में बसना चाहिए। भजन लिख दो म्हारे रोम रोम में राम राम हो रमापति के माध्यम से भक्तों को प्रेरित किया जाता है कि वे भगवान राम के नाम का जप करें, ताकि उनकी कृपा हर पल उनके जीवन में रहे। अन्य राम भजनों जैसे राम नाम की लूट मची है और राम के नाम से हर विघ्न मिटता है को भी पढ़ें और भगवान श्री राम की भक्ति में अपनी श्रद्धा और प्रेम को और भी गहरा बनाएं।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile