यह भजन भगवान श्री राम के वनवास के समय की घटना को दर्शाता है। इसमें भक्त भगवान राम के दुःख और संघर्ष को महसूस करते हुए उनकी वीरता और साहस का गुणगान कर रहे हैं। भजन में दशरथ के राजकुमार राम के वनवास के दौरान उनके द्वारा सहन किए गए कष्टों का जिक्र है, जो उन्होंने अपने पिता की आज्ञा का पालन करने के लिए सहन किए।
Dashrath Ke Rajkumar Van Mein Firte Mare Mare
दशरथ के राजकुमार,
वन में फिरते मारे मारे।
दुनिया के पालनहार,
वन में फिरते मारे मारे।।
थी साथ में जनक दुलारी,
पत्नी प्राणों से प्यारी।
सीता सतवंती नार,
वन में फिरते मारे मारे।
दुनिया के पालनहार,
वन में फिरते मारे मारे।।
भाई लखन लाल बलशाली,
उसने तीर कमान उठा ली।
भाई भाभी का पहरेदार,
वन में फिरते मारे मारे।
दुनिया के पालनहार,
वन में फिरते मारे मारे।।
सोने का हिरण दिखा था,
उसमें सीता हरण छिपा था।
लक्ष्मण रेखा हो गई पार,
वन में फिरते मारे मारे।
दुनिया के पालनहार,
वन में फिरते मारे मारे।।
हनुमान से मेल हुआ था,
सुग्रीव भी गेल हुआ था।
वानर सेना की तैयार,
वन में फिरते मारे मारे।
दुनिया के पालनहार,
वन में फिरते मारे मारे।।
लक्ष्मण बेहोश हुए थे,
तो राम के होश उड़े थे।
रोये नारायण अवतार,
वन में फिरते मारे मारे।
दुनिया के पालनहार,
वन में फिरते मारे मारे।।
दुष्टाचरण हुआ था,
तो रावण मरण हुआ था।
उसका तोड़ दिया अहंकार,
वन में फिरते मारे मारे।
दुनिया के पालनहार,
वन में फिरते मारे मारे।।
जब राम अयोध्यया आए,
घर घर में दीप जलाये।
मनी दीवाली पहली बार,
जब अवध में राम पधारे।
चहुँ ओर थी जय जयकार,
जब अवध में राम पधारे।।
दशरथ के राजकुमार,
वन में फिरते मारे मारे।
दुनिया के पालनहार,
वन में फिरते मारे मारे।।
इस भजन में भगवान राम के वनवास के समय के संघर्ष को दर्शाते हुए उनकी धैर्य और समर्पण की महिमा को उजागर किया गया है। जब भक्त इस भजन को पढ़ते हैं, तो वे भगवान राम की शक्ति और उनके दिव्य गुणों से प्रेरित होते हैं। उनके कठिन समय में भी श्री राम का साहस और कर्तव्य पालन हमें जीवन में कठिनाइयों का सामना करने की प्रेरणा देता है। अन्य राम भजनों जैसे राम तेरे भजन में और राम रघुकुल नायक को भी पढ़ें और श्री राम के जीवन से प्रेरणा लें, ताकि हम भी उनके जैसे अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile