राम दरबार है जग सारा रविंद्र जैन श्री राम भजन लिरिक्स

राम दरबार है जग सारा एक अत्यंत सुंदर भजन है जिसे श्री रविंद्र जैन ने गाया है। इस भजन में भगवान श्री राम के दरबार की महिमा का वर्णन किया गया है। यह भजन हमें यह समझाता है कि भगवान राम का दरबार सम्पूर्ण संसार के लिए शरण स्थली है। इस भजन के माध्यम से हमें यह संदेश मिलता है कि यदि हम अपने मन, वचन और क्रिया से भगवान राम के प्रति श्रद्धा और भक्ति रखें, तो भगवान स्वयं हमारी सहायता करेंगे और हमारे जीवन को सुखमय बना देंगे।

Ram Darbar Hai Jab Sara, Ram Hi Tino Lok Ke Raja

राम दरबार है जग सारा,
राम ही तीनो लोक के राजा
सबके प्रतिपाला सबके आधारा,
राम दरबार हैं जग सारा।।

राम का भेद ना पाया वेद,
निगमहूँ नेति नेति उच्चारा
राम दरबार हैं जग सारा।।

छंद – जय राम रमा रमनं समनं,
भव ताप भयाकुल पाहि जनम
अवधेस सुरेस रमेस बिभो,
सरनागत मागत पाहि प्रभो
गुणशील कृपा परमाया करम,
प्रणमामि निरंतर श्री रमणं।।

रमापति राम उमापति शम्भू,
एक दूजे का नाम उर धारा
राम दरबार हैं जग सारा।।

तीन लोक में राम का,
सज़ा हुआ दरबार
जो जहाँ सुमिरे वहीं दरस,
दें उसे राम उदार।
जय जय राम सियाराम,
जय जय राम सियाराम।।

राम में सर्व राम सब माही,
रूप विराट राम सम नाहीं
जितने भी ब्रह्मांड रचे हैं,
सब विराट प्रभु माहि बसें हैं।।

रूप विराट धरे तो,
चौदह भुवन माहि नहीं आते हैं
सिमटे तो हनुमान ह्रदय में,
सीता सहित समाते हैं।।

पतित उधारन दीन बंधु,
पतितो को पार लगातें हैं
बेर बेर शबरी के हाथों,
बेर प्रेम से खाते हैं।।

जोग जतन कर जोगी जिनको,
जनम जनम नहीं पाते हैं
भक्ति के बस में होकर के वे,
बालक भी बन जाते हैं।।

योगी के चिंतन में राम,
मानव के मंथन में राम
तन में राम मन में राम,
सृष्टि के कण कण में राम।।

आती जाती श्वास में राम,
अनुभव में आभास में राम
नहीं तर्क के पास में राम,
बसते है विश्वास में राम।।

राम तो हैं आनंद के सागर,
भर लो जिसकी जितनी गागर
कीजो क्षमा दोष त्रुटि स्वामी,
राम नमामि नमामि नमामि।।

अनंता अनंत अभेदा अभेद,
आगम्य गम्य पार को पारा
राम दरबार है जग सारा,
राम दरबार हैं जग सारा।।

भगवान राम का दरबार सचमुच सभी के लिए एक दिव्य स्थान है, जहां हर कोई शरण पा सकता है और अपने जीवन को संपूर्ण बना सकता है। इस भजन के माध्यम से हम समझ सकते हैं कि राम की महिमा अपार है और उनके चरणों में सच्चे मन से श्रद्धा रखने से हमारी सारी परेशानियाँ समाप्त हो जाती हैं। जैसे राम दरबार है जग सारा, राम के बिना जीवन अधूरा है, और राम ही सर्वश्रेष्ठ देवता हैं, जैसे भजन हमारे जीवन में निरंतर मार्गदर्शन और सुख की प्राप्ति का कारण बनते हैं। इसलिए, हमें राम के नाम का उच्चारण और उनके भजनों का गायन करना चाहिए, ताकि हम भी उनके दरबार में स्थान पा सकें।

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