मुझे राम के बिना नहीं जीना भजन लिरिक्स

मुझे राम के बिना नहीं जीना यह भजन एक सच्ची भक्ति और प्रेम का प्रतीक है। यह भजन उन भक्तों के दिलों की आवाज़ है जो राम के बिना अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। राम की भक्ति में पूरी तरह से समर्पित यह गीत उनके प्रति अडिग विश्वास और श्रद्धा को प्रकट करता है। इस भजन के माध्यम से हम यह समझते हैं कि जीवन में हर कठिनाई और हर संकट को पार करने के लिए केवल राम की भक्ति ही सहारा बन सकती है।

Mujhe Ram Ke Bina Nahi Jina

बजरंग राम जी को,
सन्देश यही कहना…
मुझे राम के बिना नहीं जीना,
मुझे राम के बिना नही जीना।।

अपनी करनी की करनी से,
पर घर में आकर के बैठी…
पिया वचन मोह बस भूली,
छलकर लाया कपटी…
लक्ष्मण रेखा कभी ना लाँघो,
अपने हाथ जहर नहीं पीना…
मुझे राम के बिना नही जीना,
बजरंग राम जी को…
सन्देश यही कहना,
मुझे राम के बिना नही जीना,
मुझे राम के बिना नही जीना।।

छल बल से नारी हरे तो,
खुद ही खुद का नाशी…
मेरी पीर वो ही हरेंगे,
वो है घट घट वासी…
माँ अहिल्या की पीर हरी ना,
मुझे राम के बिना नही जीना…
बजरंग राम जी को,
सन्देश यही कहना…
मुझे राम के बिना नही जीना,
मुझे राम के बिना नही जीना।।

जाओ हनुमत देर करो ना,
पल बीते युग के जैसे…
छली प्रपंची दानव आकर,
चन्द्रहास को खेंचे…
‘रामानंदी’ सियाराम चरण में,
राम रसायन पीना…
मुझे राम के बिना नही जीना,
बजरंग राम जी को…
सन्देश यही कहना,
मुझे राम के बिना नही जीना,
मुझे राम के बिना नही जीना।।

बजरंग राम जी को,
सन्देश यही कहना…
मुझे राम के बिना नहीं जीना,
मुझे राम के बिना नही जीना।।

राम के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं होता। राम के बिना जीना क्या है? और राम के चरणों में बसी है असली सुख-शांति जैसे भजन हमें यह सिखाते हैं कि राम की भक्ति ही जीवन का सर्वोत्तम मार्ग है। जब हम राम के नाम का जप करते हैं, तब जीवन में आने वाली हर कठिनाई को सहजता से पार कर सकते हैं। राम के बिना कोई भी काम सफल नहीं होता और राम के चरणों में बसी है सर्वोत्तम शांति जैसे भजन हमें यह अहसास दिलाते हैं कि केवल राम ही हमारे जीवन के सबसे बड़े सहायक हैं।

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