मेरे राघव जी उतरेंगे पार गंगा मैया धीरे बहो भजन लिरिक्स

मेरे राघव जी उतरेंगे पार गंगा मैया धीरे बहो यह भजन भगवान श्रीराम की दिव्य यात्रा को दर्शाता है। इस भजन में श्रीराम के आशीर्वाद से जीवन की कठिनाइयों को पार करने की आशा और विश्वास व्यक्त किया गया है। इस भजन के माध्यम से हम अपने विश्वास को और दृढ़ करते हैं कि श्रीराम का साथ हमें कभी भी अकेला नहीं छोड़ता, चाहे जो भी परिस्थिति हो।

Mere Raghav Ji Utarenge Par Ganga Maiya Dhire Baho

मेरे राघव जी उतरेंगे पार,
गंगा मैया धीरे बहो
मैया धीरे बहो,
मैया धीरे बहो
मेरे राघव जी उतरेगे पार,
गंगा मैया धीरे बहो।।

गहरी नदियां नाव पुरानी,
चले पुरवैया ना गति ठहरानी
मेरे प्रियतम बड़े सुकुमार,
गंगा मैया धीरे बहो
मेरे राघव जी उतरेगे पार,
गंगा मैया धीरे बहो।।

राम सिया और लखन विराजे,
शीश जटा तन मुनिपट साजे
आज शोभा बनी है अपार,
गंगा मैया धीरे बहो
मेरे राघव जी उतरेगे पार,
गंगा मैया धीरे बहो।।

पुलक शरीर नीर अंखियन में,
आनंद मगन होत दर्शन में
भवसागर से मोहे उतार,
गंगा मैया धीरे बहो
मेरे राघव जी उतरेगे पार,
गंगा मैया धीरे बहो।।

मेरे राघव जी उतरेंगे पार,
गंगा मैया धीरे बहो
मैया धीरे बहो,
मैया धीरे बहो
मेरे राघव जी उतरेगे पार,
गंगा मैया धीरे बहो।।

इस भजन के माध्यम से यह संदेश मिलता है कि जब प्रभु श्रीराम हमारे साथ होते हैं, तो कोई भी मुश्किल हमें डिगा नहीं सकती। राम का नाम जीवन का सहारा है, राम के बिना कोई नहीं है अपना, राम के साथ जीवन सवारता है, और राम की भक्ति से जीवन में शांति मिलती है जैसे भजन इस सत्य को और भी स्पष्ट करते हैं। श्रीराम की कृपा से हमारे जीवन में हर मुश्किल का हल निकल आता है, और हम उनके आशीर्वाद से हर दुख को पार कर सकते हैं।

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