शबरी रो रो तुम्हे पुकारे कब आओगे मेरे राम भजन लिरिक्स

प्रभु श्रीराम की भक्ति में लीन भक्त शबरी की प्रतीक्षा और प्रेम को दर्शाने वाला यह भजन शबरी रो रो तुम्हे पुकारे कब आओगे मेरे राम, भक्त और भगवान के रिश्ते की गहराई को दर्शाता है। मैं, पंडित सत्य प्रकाश, आपके साथ यह भावविभोर कर देने वाला भजन साझा कर रहा हूँ, आइए इसे पढ़कर प्रभु श्रीराम की असीम कृपा के भागी बनें।

Shabari Ro Ro Tumhe Pukare Kab Aaoge Mere Ram

शबरी तुम्हरी बाट निहारे,
वो तो रामा रामा पुकारे
कब आओगे मेरे राम,
शबरी रो रो तुम्हे पुकारे
वो तो तुम्हरी बाट निहारे,
जल्दी आ जाओ मेरे राम,
दर्श दिखा जाओ मेरे राम।।

मैंने छोटी सी कुटिया को,
पलकों से है बुहारा
सांझ सवेरे मेरे राम जी,
तुम्हरा रस्ता निहारा
राहो में तेरी फूल बिछाए,
बैठी कबसे आस लगाए
तुम कब आओगे मेरे राम,
दर्श दिखा जाओ मेरे राम।।

मैंने सुना तुम्हरे चरणों ने,
पत्थर नारी बनाई
वही चरण मेरी कुटिया में,
आन धरो रघुराई
केवट और निषाद है तारे,
भवसागर से पार उतारे
वैसे मुझको तारो राम,
दर्श दिखा जाओ मेरे राम।।

मेरे गुरु ने मुझे बताया,
भाग मेरे जागेंगे
एक दिन राम मेरी कुटिया में,
दर्श दिखा जाएंगे
गुरुवर का ये वचन ना टूटे,
रामा मेरी आस ना छूटे
ढल ना जाए जीवन शाम,
दर्श दिखा जाओ मेरे राम।।

शबरी को भवसागर तारा,
राम कुटी में आए
शबरी के झूठे बेरो का,
राम जी भोग लगाए
राम की चरण धूलि को उठाया,
चंदन समझ के तिलक लगाया
पूर्ण हुआ दिल का अरमान,
शबरी पाई दरश अभिराम,
दर्श दिखा जाओ मेरे राम।।

शबरी तुम्हरी बाट निहारे,
वो तो रामा रामा पुकारे
कब आओगे मेरे राम,
शबरी रो रो तुम्हे पुकारे
वो तो तुम्हरी बाट निहारे,
जल्दी आ जाओ मेरे राम,
दर्श दिखा जाओ मेरे राम।।

शबरी की पुकार में छुपा निष्कलंक प्रेम हमें सिखाता है कि सच्ची भक्ति के आगे स्वयं प्रभु को भी आना पड़ता है। इस भावपूर्ण भजन को पढ़ें और प्रभु श्रीराम की भक्ति में डूब जाएँ। साथ ही, राम आएंगे मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे, श्री राम जी के चरणों में मन को लगा ले रे, बिना राम रघुनंदन के कोई नहीं है अपना रे, और राम नाम तू जप ले रे बंदे जैसे अन्य श्रीराम भजनों को भी अवश्य पढ़ें और अपने जीवन को श्रीराममय बनाएं।

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