पत्ते पत्ते डाली डाली मेरा राम वसदा भजन लिरिक्स

भक्ति की गहराई तब प्रकट होती है जब भक्त अपने आराध्य को कण-कण में महसूस करता है। पत्ते पत्ते, डाली डाली, मेरा राम वसदा भजन इसी दिव्य अनुभूति को दर्शाता है कि प्रभु श्रीराम संपूर्ण सृष्टि में समाए हुए हैं। हर वृक्ष, हर फूल, हर धारा, हर कण में उनका वास है। जब हम इस भाव से राम को स्मरण करते हैं, तो जीवन में आनंद, शांति और भक्ति का संचार स्वतः ही होने लगता है। यह भजन हमें प्रभु श्रीराम के सर्वव्यापक स्वरूप का भान कराता है।

Patte Patte Dali Dali Mera Ram Vasada

पत्ते पत्ते डाली डाली,
मेरा राम वसदा
सारी सृष्टि दा है वाली,
मेरा राम वसदा।।

किसने जानी राम जी माया,
किसने भेद राम दा है पाया
ऋषि मुनियां ने इस नू ध्याया,
मेरा राम सबदा
पत्तें पत्तें डाली डाली,
मेरा राम वसदा।।

ए संसार है राम दा मंदिर,
राम ही रमैया सब दे अन्दर
वसदा मेरे वी मन अंदर,
मेरा राम सबदा
पत्तें पत्तें डाली डाली,
मेरा राम वसदा।।

राम दे रूप दी छटा निराली,
अखियां पीवन भर भर प्याली
दर तो जावा ना मैं खाली,
मेरा राम सबदा
पत्तें पत्तें डाली डाली,
मेरा राम वसदा।।

सब दे मालिक पालन हारे,
दर्शन दे मेरे राम प्यारे
राहवां तक तक नैना हारे,
करा मैं सजदा
पत्तें पत्तें डाली डाली,
मेरा राम वसदा।।

पत्ते पत्ते डाली डाली,
मेरा राम वसदा
सारी सृष्टि दा है वाली,
मेरा राम सबदा।।

प्रभु श्रीराम केवल मंदिरों तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड में समाए हुए हैं। पत्ते पत्ते, डाली डाली, मेरा राम वसदा भजन हमें यह सिखाता है कि जब हम अपनी दृष्टि में भक्ति का भाव ले आते हैं, तो हमें हर जगह श्रीराम के दर्शन होने लगते हैं। प्रभु श्रीराम की इस दिव्यता को और अधिक अनुभव करने के लिए राम से बड़ा राम का नाम, श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन, राम नाम का जप लूं राम, अगर राघव के चरणों में जगह थोड़ी सी मिल जाए भजनों को भी पढ़ें और श्रीराम की भक्ति में लीन हो जाएं। जय श्रीराम! ????????

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