नाथ ये वो ही है रघुनाथ जिसने मारा है बाली भजन लिरिक्स

प्रभु श्रीराम केवल करुणा और प्रेम के प्रतीक ही नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना करने वाले महानायक भी हैं। नाथ ये वो ही हैं रघुनाथ जिसने मारा है बाली भजन हमें श्रीराम के न्याय और पराक्रम की याद दिलाता है। यह भजन हमें उस प्रसंग से जोड़ता है, जब श्रीराम ने अधर्म का अंत करने के लिए बाली का वध किया था। यह केवल एक युद्ध नहीं था, बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय थी। प्रभु श्रीराम की यह लीला हमें सिखाती है कि अन्याय और अहंकार का अंत निश्चित है, और जो धर्म के मार्ग पर चलता है, उसकी विजय सुनिश्चित होती है।

Nath Ye Vo Hi Hai Raghunath Jisane Mara Hai Bali

नाथ ये वो ही है रघुनाथ,
जिसने मारा है बाली।।

नदियां जिनकी नसों का जाल है,
पेड़ पौधे तन के बाल है
काल के भी वो तो काल है,
काल के भी वो तो काल है
सीता रात काली,
जिन्होंने मारा है बाली
नाथ ये वो ही हैं रघुनाथ,
जिसने मारा है बाली।।

वो है पर्वत आप है तिनका,
नाथ विरोध किया है जिनका
जग जाने है तीर जिनका,
जग जाने है तीर जिनका
जाए नहीं खाली,
जिन्होंने मारा है बाली
नाथ ये वो ही हैं रघुनाथ,
जिसने मारा है बाली।।

तन मन से सीता है पति की,
ताकत तुम ना जानो सती की
हैरत है हे नाथ मति की,
हैरत है हे नाथ मति की
आई कंगाली,
जिन्होंने मारा है बाली
नाथ ये वो ही हैं रघुनाथ,
जिसने मारा है बाली।।

‘चंदन’ रघुनन्दन का सहारा,
जड़ चेतन का वो ही गुजारा
एक चमन है ये जग सारा,
एक चमन है ये जग सारा
रघुवर है माली,
जिन्होंने मारा है बाली
नाथ ये वो ही हैं रघुनाथ,
जिसने मारा है बाली।।

नाथ ये वो ही है रघुनाथ,
जिसने मारा है बाली।।

श्रीराम का पराक्रम और उनका धर्म पालन हमें जीवन में सच्चाई और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। नाथ ये वो ही हैं रघुनाथ जिसने मारा है बाली भजन हमें यह एहसास कराता है कि श्रीराम केवल करुणानिधान ही नहीं, बल्कि अधर्म का अंत करने वाले परमतत्व भी हैं। प्रभु राम की दिव्यता को और गहराई से अनुभव करने के लिए श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन, जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे, राम नाम का जप लूं राम, अगर राघव के चरणों में जगह थोड़ी सी मिल जाए भजनों को भी पढ़ें और प्रभु श्रीराम की भक्ति में मग्न हो जाएं। जय श्रीराम! ????????

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