चित्रकूट केवल एक तीर्थ स्थान नहीं, बल्कि भक्तों के लिए श्रीराम की दिव्यता का साक्षात प्रतीक है। चित्रकूट शुचि धाम है प्रभु का सुहाना भजन हमें उस पावन धरा की याद दिलाता है, जहां भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मणजी ने अपने वनवास का महत्वपूर्ण समय बिताया। यह भूमि हमें राम भक्ति, त्याग और तपस्या का संदेश देती है। इस भजन के माध्यम से हम चित्रकूट की महिमा को नमन करते हुए प्रभु श्रीराम की भक्ति में रम जाते हैं।
Chitrakut Shuchi Dham Hai Prabhu Ka Suhana
चित्रकूट शुचि धाम है,
प्रभु का सुहाना।
प्रभु का सुहाना,
भक्ति भावना भरे हृदय में,
दिल से जिसने माना।।
वचन पिता के माने,
लखन सिया संग आये।
हुई साधना पूरी,
ग्यारह बरस बिताये।
नीति रीति रिषियों से जानी,
आगे हुए रवाना।
चित्रकूट शुचि धाम हैं,
प्रभु का सुहाना।
प्रभु का सुहाना।।
शुचि सरिता मंदाकिनी,
अत्रि प्रिया हैं लायी।
जो त्रिदेव किये बालक,
परम सती कहलायी।
दर्शन करके मत्गयेन्द्र के,
कामद् के ढिंग जाना।
चित्रकूट शुचि धाम हैं,
प्रभु का सुहाना।
प्रभु का सुहाना।।
स्वर्णावृत हैं कामद्,
दुःख दरिद्र हर लेते।
शक्ति भक्ति सुत वैभव,
मनवांछित फल देते।
रामधारि बन गये शिरोमणि,
सबने ऐसा माना।
चित्रकूट शुचि धाम हैं,
प्रभु का सुहाना,
प्रभु का सुहाना।।
पैदल हो परिकरमा,
कुछ दण्डवत हैं करते।
जीवन की बाधाएं,
दुखड़े पल में हरते।
तपोभूमि ये रामलला की,
एक बार तो आना।
चित्रकूट शुचि धाम हैं,
प्रभु का सुहाना,
प्रभु का सुहाना।।
चित्रकूट शुचि धाम है,
प्रभु का सुहाना।
प्रभु का सुहाना,
भक्ति भावना भरे हृदय में।
दिल से जिसने माना।।
चित्रकूट की पावन भूमि भक्तों के लिए आस्था और आनंद का केंद्र है, जहां प्रभु श्रीराम की महिमा आज भी गूंजती है। चित्रकूट शुचि धाम है प्रभु का सुहाना भजन हमें राम भक्ति की उस गहरी अनुभूति से जोड़ता है, जिससे मन और आत्मा पवित्र हो जाती है। प्रभु राम की कृपा को और गहराई से अनुभव करने के लिए राम बिना कुछ भाया ना, श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन, जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएंगे, राम नाम का जप लूं राम भजनों को भी पढ़ें और राम भक्ति में लीन हो जाएं। जय श्रीराम! ????????