जब भक्त के हृदय में भक्ति की अग्नि प्रज्वलित होती है, तो वह संपूर्ण रूप से भगवान में लीन हो जाता है। भगवा रंग चढ़ने लगा है भजन उसी दिव्य भावना को प्रकट करता है, जहां हर भक्त भगवा रंग में रंगकर धर्म, शक्ति और भक्ति का प्रतीक बन जाता है। यह भजन हमें प्रेरित करता है कि हम श्रीराम के आदर्शों को अपनाएं और भगवा ध्वज के गौरव को हृदय में धारण करें।
Bhagava Rang chadhane Laga Hai
मंदिर अब बनने लगा है,
भगवा रंग चढ़ने लगा है।
मंदिर जब बन जायेगा,
सोच नजारा क्या होगा।
देश हमारा देश हमारा,
सोच के देखो,
इससे प्यारा क्या होगा।।
काशी अब सजने लगा है,
डमरू भी बजने लगा है।
काशी अब सजने लगा है,
डमरू भी बजने लगा है।
डमरू जब असर करेगा,
सोच नजारा क्या होगा।
देश हमारा देश हमारा,
सोच के देखो,
इससे प्यारा क्या होगा।।
मथुरा भी सजने लगी है,
बंशी अब बजने लगी है।
मथुरा भी सजने लगी है,
बंशी अब बजने लगी है।
बंशी जब बज जायेगी,
सोच नजारा क्या होगा।
देश हमारा देश हमारा,
सोच के देखो,
इससे प्यारा क्या होगा।।
मंदिर अब बनने लगा है,
भगवा रंग चढ़ने लगा है।
मंदिर जब बन जायेगा,
सोच नजारा क्या होगा।
देश हमारा देश हमारा,
सोच के देखो,
इससे प्यारा क्या होगा।।
भगवा केवल एक रंग नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और भक्ति का प्रतीक है। भगवा रंग चढ़ने लगा है जैसे भजन हमें धर्म के प्रति समर्पण और शक्ति का एहसास कराते हैं। यदि इस भजन ने आपके हृदय में भक्ति की ज्वाला प्रज्वलित कर दी है, तो अन्य राम भजनों को भी पढ़ें और प्रभु श्रीराम की भक्ति में और अधिक रंग जाएं। जय श्रीराम! ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile