भजन मनन फिर करना पहले, दिल से मैल निकाल – लिरिक्स

भजन मनन फिर करना पहले,दिल से मैल निकाल भजन जीवन की सच्ची पूजा की आवश्यकता को दर्शाता है। यह भजन हमें बताता है कि केवल बाहरी पूजा से कुछ नहीं होता, बल्कि हृदय से सच्ची भक्ति और राम के प्रति प्रेम सबसे महत्वपूर्ण है। जीवन में हर कर्म को ईश्वर की भक्ति और निष्ठा से करना चाहिए, तभी मनुष्य सच्ची सुख-शांति और समृद्धि प्राप्त कर सकता है। यह भजन हमें आंतरिक शुद्धता की ओर प्रेरित करता है और बताता है कि अगर हम प्रभु के प्रति सच्चे दिल से भक्ति करते हैं, तो हमें सब कुछ मिलेगा।

Bhajan Manan phir Karna Pahle Dil Se Main Nikal

ऐसी पूजा करने से तू,
होगा नहीं निहाल
भजन मनन फिर करना पहले,
दिल से मैल निकाल।।

काशी मथुरा घूम ले प्राणी
भटक ले चारों धाम,
बार बार तू जप ले चाहे
जितना हरि का नाम,
कुछ ना मिलेगा तुझको प्राणी
कर ले तीर्थ तमाम,
जब तक तेरे मन में रहेगा
मोह माया का जाल,
भजन मनन फिर करना पहले
दिल से मैल निकाल।।

मन में तेरे लोभ भरा है
इसलिए करता जाप,
औरों को तू बुरा बताए
बुरा तो खुद है आप,
मन की मैल ना धोई तूने
तन को करता साफ,
एक दिन माटी मिल जाएगी
तेरी सुन्दर खाल,
भजन मनन फिर करना पहले
दिल से मैल निकाल।।

अपने दिल से त्याग दे प्राणी
नफरत और ये बैर,
अपने संग में औरों की भी
मांग प्रभु से खैर,
नेक धर्म में कभी भी प्राणी
तू ना करना देर,
भला करम जो करेगा प्राणी
दरशन देंगे राम,
भजन मनन फिर करना पहले
दिल से मैल निकाल।।

ऐसी पूजा करने से तू,
होगा नहीं निहाल
भजन मनन फिर करना पहले,
दिल से मैल निकाल।।

ऐसी पूजा करने से तू होगा नहीं निहाल भजन हमें याद दिलाता है कि केवल कर्मकांड से कोई लाभ नहीं होता; सच्ची भक्ति राम के प्रति समर्पण और प्रेम में ही छिपी है। अन्य भजनों जैसे राम भजले रे जरा ये बीते जिंदगानी और राम नाम का अमृत पीले जन्म सफल हो जाएगा में भी यही संदेश मिलता है कि हम जब तक राम के नाम का उच्चारण नहीं करेंगे, तब तक हम आत्मिक शांति प्राप्त नहीं कर सकते। भगवान श्रीराम की भक्ति में जीवन को समर्पित करने से ही हमारी पूजा सफल और हमारी जिंदगी खुशहाल बन सकती है। जय श्रीराम!

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