शिव गौरां के मिलन का उत्सव मिलकर सब मना लो लिरिक्स

भजन शिव गौरां के मिलन का उत्सव मिलकर सब मना लो इसी अद्भुत अवसर को दर्शाता है, जहाँ देवता, ऋषि-मुनि, और संपूर्ण ब्रह्मांड इस पावन मिलन का उत्सव मना रहा है। यह भजन हमें शिव-पार्वती विवाह के आनंदमय वातावरण में ले जाता है और हमें उनकी भक्ति में डूब जाने के लिए प्रेरित करता है। आइए, इस पावन उत्सव के उल्लास को अनुभव करें।

Shiv Gaura Ke Milan Ka Utsav Milkar Sab Mana Lo

शिव गौरां के मिलन का उत्सव,
मिलकर सब मना लो,
सावन के महीने में,
भोले के दर्शन पा लो।।

देवों के हैं देव ये तो,
भोले हैं भंडारी,
गौरां जी के संग में,
विराजें त्रिपुरारी,
शरण में आ के इनकी,
चरणों में ध्यान लगा लो,
सावन के महीने में,
भोले के दर्शन पा लो।।

भक्ति की ज्योती अपने,
मन में जलायो,
जय हो भोलेनाथ जय हो,
महादेव गायो,
होंगी मुरादें पूरी,
तुम हमसे ये लिखवा लो,
सावन के महीने में,
भोले के दर्शन पा लो।।

भक्तों के मन में क्या है,
सब जानते हैं,
बोले बिना ही प्रभू,
पहचानते है,
डग मग नैया डोले,
शम्भु को मीत बना लो,
सावन के महीने में,
भोले के दर्शन पा लो।।

बिना शिव की मर्जी के,
फूल खिले ना,
इनके इशारे बिना,
पत्ता भी हिले ना,
“सदावर्तीया” शिव शंकर,
को मन में तुम बसा लो,
सावन के महीने में,
भोले के दर्शन पा लो।।

शिव गौरां के मिलन का उत्सव,
मिलकर सब मना लो,
सावन के महीने में,
भोले के दर्शन पा लो।।

शिव और पार्वती का मिलन शाश्वत प्रेम, भक्ति और आत्मिक एकता का प्रतीक है। जो भी इस पावन मिलन की कथा को प्रेम और श्रद्धा से स्मरण करता है, उसे जीवन में अपार सुख, शांति और शक्ति प्राप्त होती है। यदि आप शिव-पार्वती विवाह की दिव्यता को और अधिक महसूस करना चाहते हैं, तो उज्जैन के राजा तुमको आना पड़ेगा , महाकाल की नगरी मेरे मन को भा गई , हे शिव शम्भू करुणा सिंधु जग के पालनहार , और दूल्हा बने त्रिपुरारी जू, शिव भोला भंडारी जू जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और महादेव की कृपा का अनुभव करें। हर-हर महादेव! ????

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