भगवान शिव की लीला अपरंपार है। उनकी माया असीम है—कहीं जीवन में धूप की तपिश है तो कहीं छांव की शीतलता। यही संसार का नियम है, और यही शिव की महिमा है। भजन शंभू ये तेरी माया, कहीं है धूप कहीं है छाया हमें इस जीवन की अनिश्चितताओं को स्वीकार करने और शिव जी की शरण में रहकर आत्मिक शांति पाने की प्रेरणा देता है। यह भजन शिव भक्ति की गहराई में डुबो देने वाला है, आइए इसे पढ़कर महादेव की कृपा का अनुभव करें।
Shambu Ye Tere Maya Kahi hai Dhup Kahi hai
शंभू ये तेरी माया,
कहीं है धूप कहीं है छाया।
खुद तूने विष पिया,
औरो को अमृत पिलाया।
तेरे जैसा योगी,
ना मिला है ना पाया।
सांसें तब तक चलेगी,
जब तक रहेगा तेरा साया।
शम्भु ये तेरी माया,
कहीं है धूप कहीं है छाया।।
तू अघोरी भस्म सनी तेरी काया,
त्रिशूल उठा के तांडव।
जब डमरू डमडमाया,
कांपी ये धरती जग घबराया।
अंबर थर थराया,
शम्भु ये तेरी माया।
कहीं है धूप कहीं है छाया।।
औरो को दौलत बांटे,
खुद से दूर मोह माया।
सांसो में योगी,
योगी में संसार समाया।
शम्भु ये तेरी माया,
कहीं है धूप कहीं है छाया।।
शंभू ये तेरी माया,
कहीं है धूप कहीं है छाया।
खुद तूने विष पिया,
औरो को अमृत पिलाया।
तेरे जैसा योगी,
ना मिला है ना पाया।
सांसें तब तक चलेगी,
जब तक रहेगा तेरा साया।
शम्भु ये तेरी माया,
कहीं है धूप कहीं है छाया।।
भगवान शंकर की माया अनोखी है, जो भी उनके चरणों में समर्पित हो जाता है, वह मोह-माया के बंधनों से मुक्त होकर सच्चे आनंद की अनुभूति करता है। शिव जी हमें सिखाते हैं कि जीवन के उतार-चढ़ाव में स्थिर रहना ही सच्ची भक्ति है। अगर आप शिव महिमा को और गहराई से समझना चाहते हैं, तो तू भजले शिव का नाम जिंदगी दो दिन की , करते सब पर दया की नज़र शिव भोले शंकर , क्या वो करेगा लेके चढ़ावा , और महादेव नमन चरणों में स्वीकार कीजिए जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और शिव भक्ति का आनंद लें। हर-हर महादेव! ????