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क्या वो करेगा लेके चढ़ावा शिव भजन लिरिक्स

भगवान शिव भक्ति और भाव के सागर हैं। वे किसी भी भौतिक चढ़ावे के मोहताज नहीं, बल्कि अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा और प्रेम को ही स्वीकार करते हैं। भोलेनाथ का आशीर्वाद उन पर ही बरसता है जो निष्कपट हृदय से उन्हें स्मरण करते हैं। भजन क्या वो करेगा लेके चढ़ावा इसी गहरी भक्ति भावना को प्रकट करता है, जहां भौतिक भेंटों की बजाय सच्चे प्रेम और समर्पण का महत्व बताया गया है। आइए, इस भावपूर्ण भजन को पढ़कर शिव शंकर की असीम कृपा का अनुभव करें।

Kya Vo Karega Leke Chadhava

क्या वो करेगा लेके चढ़ावा,
सब कुछ त्याग के बैठा कहीं,
भक्त नहीं वो भला है ढूंढ़ता,
गुण देखे गुणगान नहीं,
मैं कहता नहीं श्रद्धा है बुरी,
पर कर्म तराजू धर्म वही,
भक्त नहीं वो भला है ढूंढ़ता,
गुण देखे गुणगान नहीं।।

माला फेरत जुग भया,
फिरा ना मन के फेर,
कर का मनका डार दे,
मन का मनका फेर।।
कबीर कहते हैं की….,
नहाये धोये क्या हुआ,
जब मन का मैल ना जाए,
मीन सदा जल मैं रहे,
धोये बास ना जाये।।

तू मंदिर मंदिर फिर आया,
तू नाम मंत्र सब जप आया,
जीवन में अब भी ना है सुकू,
भोले का मन में वास नहीं,
क्यूँ मन मंदिर तेरा खाली है,
क्यूँ मन मंदिर तेरा खाली है,
क्यूँ खाली खुद में झाँक कभी,
भक्त नहीं वो भला है ढूंढ़ता,
गुण देखे गुणगान नहीं,
मैं कहता नहीं श्रद्धा है बुरी,
पर कर्म तराजू धर्म वही,
भक्त नहीं वो भला है ढूंढ़ता,
गुण देखे गुणगान नहीं।।

भोले का ये बस नाम जपे,
अरे बन भोले सा कभी मन मेरे,
भेद नहीं करता किसी में,
इसके सारे अपने जग में,
ये भोला है भंडारी है,
इसे पूरी दुनिया प्यारी है,
देवो का भी दानव का भी,
इसके मन भेद भाव नहीं,
श्रद्धा नहीं देखेगा तेरी,
श्रद्धा नहीं देखेगा तेरी,
जब मन ही तेरा साफ़ नहीं,
भक्त नहीं वो भला है ढूंढ़ता,
गुण देखे गुणगान नहीं।।

भोला ध्यान में मगन लगे,
नहीं देख रहा ये सोच नहीं,
भक्त नहीं वो भला है ढूंढ़ता,
गुण देखे गुणगान नहीं,
मैं कहता नहीं श्रद्धा है बुरी,
पर कर्म तराजू धर्म वही,
भक्त नहीं वो भला है ढूंढ़ता,
गुण देखे गुणगान नहीं।।

क्या वो करेगा लेके चढ़ावा,
सब कुछ त्याग के बैठा कहीं,
भक्त नहीं वो भला है ढूंढ़ता,
गुण देखे गुणगान नहीं,
मैं कहता नहीं श्रद्धा है बुरी,
पर कर्म तराजू धर्म वही,
भक्त नहीं वो भला है ढूंढ़ता,
गुण देखे गुणगान नहीं।।

भोलेनाथ अपने भक्तों के हृदय की गहराइयों को समझते हैं। वे किसी भी चढ़ावे या बाहरी आडंबर से नहीं, बल्कि सच्चे मन और निष्ठा से प्रसन्न होते हैं। जो भी प्रेमपूर्वक उन्हें स्मरण करता है, वे उसकी झोली कृपा से भर देते हैं। अगर आप शिव भक्ति के और भी दिव्य भजनों का आनंद लेना चाहते हैं, तो महादेव नमन चरणों में स्वीकार कीजिए , भोले बाबा तेरे दरबार में जो आते हैं , शिव तांडव स्तोत्र का रहस्य, और डमरू वाले की गूंज सुनो जैसे भजनों को भी पढ़ें और भगवान शिव की भक्ति में लीन हों। हर-हर महादेव! ????

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