सजा दो उज्जैनी दरबार मेरे महाकाल आये है लिरिक्स

सजा दो उज्जैनी दरबार, मेरे महाकाल आए हैं — यह भजन भक्तों के मन में आनंद और श्रद्धा का संचार करता है। जब स्वयं महाकाल उज्जैन के दरबार में विराजमान होते हैं, तो पूरी नगरी शिवमय हो जाती है। यह भजन शिव भक्तों को उनके आगमन की भव्यता और दिव्यता का अनुभव कराता है। आइए, हम भी महादेव की स्तुति करें और उनके दरबार को भक्ति के फूलों से सजाएं।

Saja Do Ujjaini Darbar Mere Mahakal Aaye Hai

सजा दो उज्जैनी दरबार,
मेरे महाकाल आये है।।

दोहा – करता करे ना कर सके,
शिव करे सो होय
तीन लोक नौखंड में,
शिव से बड़ा ना कोय।।

सजा दो उज्जैनी दरबार,
मेरे महाकाल आये है
मेरे महाकाल आये है,
मेरे महाकाल आये है
लगे क्षिप्रा भी गंगा सी,
मेरे महाकाल आये है
सजा दों उज्जैनी दरबार,
मेरे महाकाल आये है।।

पखारों इनके चरणों को,
बहाकर प्रेम की गंगा
बहाकर प्रेम की गंगा,
पिला दो विष को अमृत सा
पिला दो विष को अमृत सा,
मेरे महाकाल आये है
सजा दों उज्जैनी दरबार,
मेरे महाकाल आये है।।

(सरकार आ गए है मेरे गरीब खाने में,
आया है दिल को सुकून उनके करीब आने में
मुद्द्त से प्यासी अखियो को मिला आज वो सागर,
भटका था जिसको पाने के खातिर इस ज़माने में।)

तुम आकर फिर नहीं जाना,
मेरी इस सुनी दुनिया से
मेरी इस सुनी दुनिया से,
रमा दो भस्म भूतों सी
रमा दो भस्म भूतों सी,
मेरे महाकाल आये है
सजा दों उज्जैनी दरबार,
मेरे महाकाल आये है।।

सजा दों उज्जैनी दरबार,
मेरे महाकाल आये है
मेरे महाकाल आये है,
मेरे महाकाल आये है
लगे क्षिप्रा भी गंगा सी,
मेरे महाकाल आये है
सजा दों उज्जैनी दरबार,
मेरे महाकाल आये है।।

महाकाल की भव्यता और उज्जैन की महिमा से भरा यह भजन हर भक्त के मन में शिव भक्ति की लौ जलाता है। भोलेनाथ की कृपा से हर भक्त का कल्याण होता है। शिव की महिमा का गुणगान करने के लिए चलता चल रे भक्ता महाकाल सवारी में , भोलेनाथ तुम्हारा भोलापन , महाकाल की गुलामी मेरे काम आ रही है और देवों के देव हैं ये महादेव कहलाते हैं जैसे भजनों को भी करें और शिव भक्ति में रम जाएं। ????????

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