शिवरात्रि की महिमा अपार पूजा शिव की करो लिरिक्स

शिवरात्रि की महिमा अपार, पूजा शिव की करो—यह भजन महाशिवरात्रि के दिव्य महत्व को दर्शाता है। शिवरात्रि वह पावन पर्व है जब भक्तजन पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ शिव जी की उपासना करते हैं, व्रत रखते हैं और रात्रि जागरण करते हैं। इस भजन के माध्यम से हम भगवान शंकर की असीम कृपा और उनकी आराधना की महत्ता को समझते हैं, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है।

Shivratri Ki Mahima Apar Puja shiv Ki Karo

शिवरात्रि की महिमा अपार।
पूजा शिव की करो,
तीनो लोक ही जिसको पूजे।
सच्चे मन से मिलके सारे,
शिव का जाप करो।
शिव का जाप करो,
शिवरात्रि की महीमा अपार,
पूजा शिव की करो।।

शिव भक्ति से भाग्य का द्वारा।
पल में है खुल जाता,
जन्म जन्म के पाप है धुलते।
जो माँगो मिल जाता,
घट घट की शिव जाने रे,
मुख से कहो ना कहो।
तीनो लोक ही जिसको पूजे,
सच्चे मन से मिलके सारे,
शिव का जाप करो।
शिव का जाप करो,
शिवरात्रि की महीमा अपार
पूजा शिव की करो।।

सुखदाता शिव संकट हरता।
शिव भोले भंडारी,
दीनदयाल वो करुणा सागर।
सुनते सदा हमारी,
शिव को बस वो ही पाएँगे,
शिव को ध्याएँगे जो।
तीनो लोक ही जिसको पूजे,
सच्चे मन से मिलके सारे,
शिव का जाप करो।
शिव का जाप करो,
शिवरात्रि की महीमा अपार
पूजा शिव की करो।।

शिवरात्रि की महिमा अपार।
पूजा शिव की करो,
तीनो लोक ही जिसको पूजे।
सच्चे मन से मिलके सारे,
शिव का जाप करो।
शिव का जाप करो,
शिवरात्रि की महीमा अपार,
पूजा शिव की करो।।

शिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि शिव को आत्मसात करने का अवसर है। उनकी पूजा और भजन से भक्तों को मोक्ष और शिव कृपा प्राप्त होती है। शिव की महिमा को और गहराई से अनुभव करने के लिए भोले शंकर की शान निराली आए हैं आज दूल्हा बनके, देवों के देव हैं ये महादेव कहलाते हैं, बोलो भाई ओम नमः शिवाय, और महाकाल की गुलामी मेरे काम आ रही है जैसे अन्य भजनों को भी करें और शिव भक्ति में रम जाएं।

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