मेरे शंकर भोले भाले बेड़ा पार लगाते है लिरिक्स

शंकर भगवान की महिमा अपरंपार है, वे अपने भक्तों के हर संकट को हर लेते हैं और भवसागर से पार लगा देते हैं। मेरे शंकर भोले भाले बेड़ा पार लगाते हैं भजन शिव की इसी कृपा और करूणा को दर्शाता है। यह भजन उनकी दयालुता और भक्तों पर अटूट स्नेह की गवाही देता है। आइए, इस भजन के माध्यम से भोलेनाथ की असीम कृपा का गुणगान करें।

Mere Shankar Bhole Bhale Beda Paar Lagate Lyrics

मेरे शंकर भोले भाले,
बेड़ा पार लगाते है
हर दुःख संकट में,
शिव भोले ही काम आते है।।

सागर से निकला हलाहल,
देवों में मच गई हलचल
सब देवता मिल के शिव के,
गुण गाने लगे वो हरपल
शिव पीकर विष देवों के,
संकट को मिटाते है

हर दुःख संकट में,
शिव भोले ही काम आते है।।

जब भक्त भगीरथ गंगा,
को धरती पर ले आए
गंगा का वेग भयंकर,
इस धरती पर ना समाए
गंगा को शिवजी अपनी,
जटाओं में समाते है
हर दुःख संकट में,
शिव भोले ही काम आते है।।

ऋषियों ने गो हत्या का,
गौतम पे दोष लगाया
जप तप कर ऋषि गौतम ने,
शिव जी को खूब मनाया
गंगाजल से गौतम का,
शिव दोष मिटाते है
हर दुःख संकट में,
शिव भोले ही काम आते है।।

देवों के संग दानव ने,
जब जब भी युद्ध मचाया
सब देव जनो ने मिलकर,
शिव जी का ध्यान लगाया
भोले भंडारी से सब,
वरदान पाते है

हर दुःख संकट में,
शिव भोले ही काम आते है।।

मेरे शंकर भोले भाले,
बेड़ा पार लगाते है
हर दुःख संकट में,
शिव भोले ही काम आते है।।

शिव शंकर अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करते, उनकी भक्ति में जो भी लीन होता है, उसे भवसागर से पार लगा देते हैं। अगर आपको भी महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करना है, तो भोलेनाथ तुम्हारा भोलापन, जहाँ जिनकी जटाओं में गंगा की बहती अविरल धारा, सदा साफ रखना तू बन्दे मन का शिवाला, और भरोसा महाकाल का जैसे भजनों को भी करें और शिव की भक्ति में और गहराई से डूब जाएं। ????????

Leave a comment