सांवरिया का रंग जिसपे चढ़ जाता है

श्याम बाबा की भक्ति का रंग जब किसी भक्त पर चढ़ जाता है, तो वह प्रेम, श्रद्धा और आत्मसमर्पण में इतना डूब जाता है कि संसार की हर मोह-माया से परे हो जाता है। सांवरिया का रंग जिसपे चढ़ जाता है भजन इसी भक्ति-भाव को दर्शाता है। यह रंग प्रेम और विश्वास का है, जो एक बार चढ़ जाए तो फिर कभी उतरता नहीं। आइए, इस भजन को पढ़ें और इस भक्ति रस में सराबोर हों।

Sawariya Ka Rang Jispe Chadh Jata Hai

सांवरिया का रंग,
जिसपे चढ़ जाता है,
श्याम कृपा से वो तो,
हर पल मौज उड़ाता है।।1।।

है ऐसा सांवरे का रंग,
जिसपे एक बार चढ़ जाए,
ये इतना गहरा होता है,
उम्र भर ना उतर पाए,
दीवानापन ऐसा,
हद से बढ़ जाता है,
श्याम कृपा से वो तो,
हर पल मौज उड़ाता है।।2।।

बढ़ा कर प्रेम की डोरी,
खेल ऐसा रचाता है,
बना के अपना प्रेमी ये,
उसे खाटू बुलाता है,
जिसका चरण इसके,
दर पे पड़ जाता है,
श्याम कृपा से वो तो,
हर पल मौज उड़ाता है।।3।।

है जीवन वो सफल जिसको,
मिला दरबार बाबा का,
बड़े ही भाग्यशाली वो,
मिला जिसे प्यार बाबा का,
‘कुंदन’ सा चमकता,
नग उसमे जड़ जाता है,
श्याम कृपा से वो तो,
हर पल मौज उड़ाता है।।4।।

सांवरिया का रंग,
जिसपे चढ़ जाता है,
श्याम कृपा से वो तो,
हर पल मौज उड़ाता है।।5।।

श्याम का रंग चढ़ना मतलब उनके प्रेम में डूब जाना, उनकी भक्ति में खो जाना। इसी भक्तिभाव को श्याम का रंग चढ़ गया, जो बोले जय श्री श्याम उनकी झोली भर देना, श्यामधणी सु लगन लगाले चिंता फिकर सारी छोड़ दे, मैं तो हो गई हो गई श्याम की दीवानी जैसे भजनों में भी महसूस किया जा सकता है। आइए, इन भजनों को भी पढ़ें और श्याम बाबा की भक्ति में और अधिक रम जाएं। जय श्री श्याम! ????????

Leave a comment