भोले भाले डमरू वाले नंदी के असवार भजन लिरिक्स

भोलेनाथ, जो सरलता और दया के सागर हैं, अपने भक्तों पर सदैव कृपा बरसाते हैं। भोले भाले डमरू वाले नंदी के असवार भजन हमें शिव जी की महिमा का अनुभव कराता है। यह भजन हमें उनकी सहजता, औघड़ रूप, और भक्तों के प्रति उनके प्रेम की याद दिलाता है। जब शिवजी अपने डमरू की ध्वनि से ब्रह्मांड को संगीतमय कर देते हैं, तब उनके भक्त भक्ति रस में डूब जाते हैं।

Bhole Bhale Damru Vale Nadi Ke Asavaar

भोले भाले डमरू वाले,
नंदी के असवार,
शरण तेरी आ गया,
तेरी शरण में आ गया,
तेरी शरण में आ गया,
भोले भाले डमरू वालें,
नंदी के असवार,
शरण तेरी आ गया।1।

जटाजूट में गंग तेरे,
गल सोहे मुंडन माला,
डम डम डमरू बाज रहा,
हाथ त्रिशूल लिए भाला,
कैलाशी काशी के वासी,
जग के पालन हार,
शरण तेरी आ गया,
भोले भाले डमरू वालें,
नंदी के असवार,
शरण तेरी आ गया।2।

आक धतूरा भोग लगे,
पीते भर भर भंग प्याला,
भस्मी रमाए बैठे है,
लिपटा है गल में काला,
कर में बिच्छू चंद्र भाल पर,
करता है उजियार,
शरण तेरी आ गया,
भोले भाले डमरू वालें,
नंदी के असवार,
शरण तेरी आ गया।3।

बाघम्बर को धार लिया,
योगेश्वर है मतवाला,
गिरिजा मैया संग सोहे,
पुत्र तेरा है दूंडाला,
सुर नर देव मुनिवर किन्नर,
करते है जयकार,
शरण तेरी आ गया,
भोले भाले डमरू वालें,
नंदी के असवार,
शरण तेरी आ गया।4।

भक्त तेरा दर पे आया,
भोले बाबा त्रिपुरारी,
सबकी नैया पार करो,
द्वार खड़े है नर नारी,
ज्ञान भक्ति के देने वाले,
भर देओ भंडार,
शरण तेरी आ गया,
भोले भाले डमरू वालें,
नंदी के असवार,
शरण तेरी आ गया।5।

भोले भाले डमरू वाले,
नंदी के असवार,
शरण तेरी आ गया,
तेरी शरण में आ गया,
तेरी शरण में आ गया,
भोले भाले डमरू वालें,
नंदी के असवार,
शरण तेरी आ गया।6।

महादेव की भक्ति हमें सच्चे आनंद और मोक्ष की ओर ले जाती है। जो भी श्रद्धा से उनका स्मरण करता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। इसी भक्ति भाव से ओत-प्रोत होकर आप भोले की कृपा जिस पर भी रहती है, अपने दरबार में तू बुलाले, जिसकी लागी लगन भोलेनाथ से और भोले बाबा ने पकड़ा हाथ अकेला मत समझो जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और महादेव के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करें। ???? हर हर महादेव!

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