क्या घाव दिए जग ने तुझको दिखलाऊंगा

जब दुनिया के सभी दर्द और घाव हमें आ घेरते हैं, तब हम श्याम बाबा के पास शरण लेने आते हैं, क्योंकि उन्हें हमारी पीड़ा और दुख का पूरा एहसास होता है। क्या घाव दिए जग ने तुझको दिखलाऊंगा भजन इसी भाव को व्यक्त करता है, जहां भक्त अपने कष्टों और पीड़ा को श्याम बाबा के सामने रखता है, और उन्हें अपनी निराशाओं और दर्द का बयान करता है। आइए, इस भजन को पढ़ें और श्याम बाबा के समक्ष अपनी पूरी भावनाओं और इच्छाओं को प्रकट करें।

Kya Ghav Diye Jag Ne Tujhko Dikhlaunga

क्या घाव दिए जग ने,
तुझको दिखलाऊंगा,
फुर्सत में बैठना,
तेरे द्वार मैं आऊंगा,
सांवरे किससे कहूं मैं व्यथा,
तू सुने इतना है मुझको पता,
सांवरे किससे कहूं मैं व्यथा,
तू सुने इतना है मुझको पता।।1।।

नहीं बोल पाता मैं,
जब तुमसे मिलता हूँ,
सुध बुध खोकर अपनी,
तुझे तकता रहता हूँ,
तू खोल के दिल रखना,
जब हाल सुनाऊंगा,
फुर्सत में बैठना,
तेरे द्वार मैं आऊंगा,
सांवरे किससे कहूं मैं व्यथा,
तू सुने इतना है मुझको पता।।2।।

तेरा साथ ही अब बाबा,
मुझे जान से प्यारा है,
जो मरहम तू मेरा,
सब जख्म गंवारा है,
तेरे प्रेम की छाया में,
मैं तो सो जाऊंगा,
फुर्सत में बैठना,
तेरे द्वार मैं आऊंगा,
सांवरे किससे कहूं मैं व्यथा,
तू सुने इतना है मुझको पता।।3।।

इतनी सी हसरत है,
तुझे आज बताता हूं,
तेरा ‘नेह’ मिले मुझको,
यही अर्ज लगाता हूं,
तुम आज मेरी सुन लो,
फिर मैं तर जाऊंगा,
फुर्सत में बैठना,
तेरे द्वार मैं आऊंगा,
सांवरे किससे कहूं मैं व्यथा,
तू सुने इतना है मुझको पता।।4।।

क्या घाव दिए जग ने,
तुझको दिखलाऊंगा,
फुर्सत में बैठना,
तेरे द्वार मैं आऊंगा,
सांवरे किससे कहूं मैं व्यथा,
तू सुने इतना है मुझको पता,
सांवरे किससे कहूं मैं व्यथा,
तू सुने इतना है मुझको पता।।5।।

श्याम बाबा हमें हमारे जीवन के हर दर्द और कष्ट में सहारा देते हैं, और हमें अपने आशीर्वाद से सशक्त करते हैं। इस दिव्य कृपा को अब हार गया हूँ श्याम, हारे के सहारे श्याम, मुझे गले लगा लो ना, तेरे भजनों में है जादू महसूस तुझे ही करूं मैं, मांगो दातार से खाटू दरबार से जैसे अन्य भजनों में भी अनुभव किया जा सकता है। आइए, इन भजनों को भी पढ़ें और श्याम बाबा के आशीर्वाद और कृपा का अनुभव करें। जय श्री श्याम! ????????

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