शिव का डमरू डम डम बाजे टोली कावड़ियों की नाचे लिरिक्स

जब शिव का डमरू गूंजता है, तो समस्त ब्रह्मांड उनके तांडव की लय में झूम उठता है। शिव का डमरू डम डम बाजे, टोली कावड़ियों की नाचे भजन इसी दिव्य उल्लास और भक्ति की ऊर्जा को प्रकट करता है। सावन के पवित्र महीने में शिवभक्त कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं, गंगा जल लाते हैं और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण को शिवमय कर देते हैं। आइए, इस भजन का आनंद लें और शिव शंकर की भक्ति में लीन हो जाएं।

Shiv Ka Damru Dam Baje Toli Kavdiyo Ki Nache

शिव का डमरू डम डम बाजे,
टोली कावड़ियों की नाचे,
कावड़ियों की नाचे,
टोली कावड़ियों की नाचे,
शिव का डमरू डम डम बाजें,
टोली कावड़ियों की नाचे।1।

कोई पहने पीले वस्त्र,
कोई पहने लाल,
दाढ़ी मूछें बड़ी हुई हैं,
रूखे सूखे बाल,
शिव भोले को चले मनाने,
नंगे पैरों भागे,
शिव का डमरू डम डम बाजें,
टोली कावड़ियों की नाचे।2।

आंधी आवे पानी आवे,
चाहे दुपहरिया भारी,
जंगल हो या पहाड़ के रस्ते,
पांव न धरे पिछाड़ी,
कावड़ लेने चले है सारे,
लोग लुगाई बच्चे,
शिव का डमरू डम डम बाजें,
टोली कावड़ियों की नाचे।3।

भोले जी के धाम चले है,
एक दूसरे के संग में,
हरिद्वार से लेकर कावड़,
रंग गए शिव के रंग में,
सावन की रुत आई सुहानी,
गाए कोई नाचे,
शिव का डमरू डम डम बाजें,
टोली कावड़ियों की नाचे।4।

गंगाजल शंकर को चढ़ा कर,
भगत मगन हुए सारे,
हाथ जोड़ कर खड़े कावरिया,
शिव भोले के द्वारे,
‘आनन्द’ गाए शिव के भजन,
कावरिये मिलकर नाचे,
शिव का डमरू डम डम बाजें,
टोली कावड़ियों की नाचे।5।

शिव का डमरू डम डम बाजे,
टोली कावड़ियों की नाचे,
कावड़ियों की नाचे,
टोली कावड़ियों की नाचे,
शिव का डमरू डम डम बाजें,
टोली कावड़ियों की नाचे।6।

शिव का डमरू केवल एक वाद्य नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की धड़कन है, जो जीवन को ऊर्जा, उमंग और भक्ति से भर देता है। जो भी शिव की महिमा गाता है और उनके नाम का जाप करता है, वह हर दुख और संकट से मुक्त हो जाता है। महादेव की भक्ति में और गहराई से डूबने के लिए भोले के भक्तों की टोली, हर हर महादेव की गूंज, महाकाल की महिमा अपार और शिव शंभू मेरे मन बसे जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और शिव आराधना का आनंद लें। ????????

Leave a comment