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आई जो रुत फाग की आई सजल अखियां मुसकाई

फागुन का महीना जब अपनी रंगीन और खुशहाल हवाओं के साथ आता है, तो साथ ही श्याम बाबा के दरबार में भक्तों की भक्ति का रंग भी चढ़ जाता है। आई जो रुत फाग की, आई सजल अखियां मुसकाई भजन इस पावन समय की अनूठी भावना को व्यक्त करता है, जिसमें भक्तों के दिल श्याम बाबा के प्रेम से भर जाते हैं और फागुन की मस्ती में झूम उठते हैं। आइए, इस भजन को पढ़ें और फागुन की इस रंगीन बेला में श्याम बाबा के साथ अपने प्रेम का उत्सव मनाएं।

Aayi Jo Rut Faag Ki Aayi Sajal Ankhiyan Muskayi

आई जो रुत फाग की आई,
सजल अखियां मुसकाई,
सबके दिलों पे छाए श्याम जी,
हाथों में निशान उठाए,
श्याम के नारे है,
खाटू से रिंगस के क्या,
ये खूब नजारे है,
मौका ही ऐसा है,
सारे खाटू जायेंगे,
आया मेला फागण का,
हम श्याम रिझायेंगे।।1।।

सज गई खाटू नगरी,
ऐसी रौनक आई है,
श्याम प्रेमियों में गजब की,
खुशियां छाई है,
सबने थी जो बाट जुहारी,
दिन वो आया है,
मस्ती में सब खोए सबको,
श्याम ही भाया है,
आयी जो रुत फाग की आयी,
सजल अखियां मुसकाई,
सबके दिलों पे छाए श्याम जी।।2।।

कोई पैदल चलके,
अर्जी लेकर आता है,
कोई प्यार दिखाता जैसे,
गहरा नाता है,
कोई मेले में नाचे और,
शोर मचाता है,
फागुन ग्यारस धोक लगा,
कोई शीश झुकाता है,
आयी जो रुत फाग की आयी,
सजल अखियां मुसकाई,
सबके दिलों पे छाए श्याम जी।।3।।

फागुन में जो श्याम धनी के,
द्वारे जाता है,
खुश होकर के सेठ सांवरा,
गले लगाता है,
प्रेमी के संग में ये ऐसा,
रंग जमाता है,
‘नेहा’ की ये ध्वजा सांवरा,
खुद लहराता है,
आयी जो रुत फाग की आयी,
सजल अखियां मुसकाई,
सबके दिलों पे छाए श्याम जी।।4।।

आई जो रुत फाग की आई,
सजल अखियां मुसकाई,
सबके दिलों पे छाए श्याम जी,
हाथों में निशान उठाए,
श्याम के नारे है,
खाटू से रिंगस के क्या,
ये खूब नजारे है,
मौका ही ऐसा है,
सारे खाटू जायेंगे,
आया मेला फागण का,
हम श्याम रिझायेंगे।।5।।

श्याम बाबा के साथ हर उत्सव और पर्व एक अद्भुत आनंद का अनुभव होता है। इस रंगीन प्रेम को पीला रे पीला काई करो सहेल्या रे, सावन में झुलाओ झूला हमारे बाँके बिहारी को, रुत या सावन की आई, झूलन पधारो कान्हा बाग में, किशोरी किशन झूला पर विराजे जैसे अन्य भजनों में भी महसूस किया जा सकता है। आइए, इन भजनों को भी पढ़ें और श्याम बाबा के साथ इस फाग महोत्सव में रंगों के बीच उनके प्रेम और आशीर्वाद का अनुभव करें। जय श्री श्याम! ????????

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