भोला शंकर बने मदारी डमरू दशरथ द्वार बजायो भजन भगवान शिव के उस अनोखे रूप को दर्शाता है, जिसमें वे अपने डमरू की मधुर ध्वनि से संपूर्ण सृष्टि को जागृत करते हैं। शिव जी को औघड़दानी कहा जाता है, जो हर रूप में भक्तों के पास आते हैं—कभी संन्यासी बनकर, तो कभी मदारी के रूप में अपनी लीला दिखाते हुए। यह भजन हमें उनकी इसी लीला से जोड़ता है, जहां भोलेनाथ अपने भक्तों को अपनी अनोखी माया का दर्शन कराते हैं। आइए, इस भजन के माध्यम से शिव जी की भक्ति में रम जाएं और उनकी अलौकिक शक्ति का अनुभव करें।
Bhola Shankar Bane Madari Damaru Dashrath Dwar Bajayo
भोला शंकर बने मदारी,
डमरू दशरथ द्वार बजायो,
एक हाथ त्रिशूल और डमरू,
एक हाथ बजरंगी लीन्हे,
आप ही नाचे आप नचावे,
नाच नाच कर ये ही गावे,
जय जय अवध बिहारी,
भोला शंकर बनें मदारी,
डमरू दशरथ द्वार बजायो।1।
राम लखन की जोड़ी आयी,
भरत शत्रुघ्न पाछे आये,
ताली पिट मारे किलकारी,
जय जय महावीर बलकारी,
भोला शंकर बनें मदारी,
डमरू दशरथ द्वार बजायो।2।
नाच रहे बजरंगी प्यारे,
अपने प्रीतम राम दुवारे,
राम भजन में सुध बुध खोई,
दुःख हर्ता सुखकारी,
भोला शंकर बनें मदारी,
डमरू दशरथ द्वार बजायो।3।
दोऊ कर जोड़ बोले भोला जी,
ले मैया मेरा वानर थाक्यो,
युग युग जीवे लाल तुम्हारे,
ले अब चला मदारी,
भोला शंकर बनें मदारी,
डमरू दशरथ द्वार बजायो।4।
मैया मो को वानर दे दे,
जो मांगे ये बाबा दे दे,
नहीं तो जाऊ संग बाबा के,
या सो है पहचान हमारी,
भोला शंकर बनें मदारी,
डमरू दशरथ द्वार बजायो।5।
बालक रोते सुने राजा ने,
बोले बालक क्यों रोते हो,
रानियां बोले वानर माँगे,
कैसे मांग करू में पूरी,
राजा घर क्या वानर सोहे,
राजा जी ये हे मज़बूरी,
राजा बोले वानर दे दो,
इसके बदले हीरे ले लो,
आज्ञा पालन करो हमारी,
भोला शंकर बनें मदारी,
डमरू दशरथ द्वार बजायो।6।
भोला शंकर बने मदारी,
डमरू दशरथ द्वार बजायो,
एक हाथ त्रिशूल और डमरू,
एक हाथ बजरंगी लीन्हे,
आप ही नाचे आप नचावे,
नाच नाच कर ये ही गावे,
जय जय अवध बिहारी,
भोला शंकर बनें मदारी,
डमरू दशरथ द्वार बजायो।7।
भोला शंकर बने मदारी डमरू दशरथ द्वार बजायो भजन हमें यह सिखाता है कि महादेव केवल कैलाश पर ही नहीं, बल्कि हर जगह अपने भक्तों के लिए मौजूद हैं। वे अपने डमरू की ध्वनि से संसार को नृत्य कराने वाले हैं और जो भी उनके दरबार में श्रद्धा से आता है, उसका जीवन आनंदमय हो जाता है। यदि आपको यह भजन प्रेरणादायक लगा, तो भोलेनाथ जी का डमरू दिन रात बज रहा है, डमरू बजा रहे भोले, भोला तेरा डम डम डमरू बाजे, और कलयुग में फिर से आजा डमरू बजाने वाले भी करें। इन भजनों को पढ़कर आपकी शिव भक्ति और मजबूत होगी और महादेव की असीम कृपा आप पर बनी रहेगी। ????????✨

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile