मृत्यु टले ना महाकाल के बिना भजन महाकाल की अपार शक्ति और काल पर उनके पूर्ण नियंत्रण का स्मरण कराता है। शिव केवल एक देव नहीं, बल्कि स्वयं कालों के काल महाकाल हैं, जिनकी अनुमति के बिना इस संसार में कोई भी जीव न जन्म ले सकता है और न ही मृत्यु को प्राप्त हो सकता है। यह भजन हमें मृत्यु के भय से मुक्त कर महादेव की शरण में जाने की प्रेरणा देता है, क्योंकि केवल महाकाल की कृपा से ही जीवन और मृत्यु का चक्र सहज और मंगलमय बन सकता है।
Mrityu Tale Ja Mahakal Ke Bina
विघ्न टले ना गणपति के बिना,
मृत्यु टले ना महाकाल के बिना,
दानव मरे ना मैया गौरा के बिना,
काल डरे ना महाकाल के बिना।1।
वेद पुराणों में गाया है,
ऋषि मुनियो ने बताया है,
गौरा पुजे ना गणपति के बिना,
महाकाल पुजे ना नंदी के बिना,
दानव मरे ना मैया गौरा के बिना,
काल डरे ना महाकाल के बिना।2।
रामायण में तुलसी ने गाया है,
गा गा के सबको बताया है,
राम जी भजे ना कोई भोले के बिना,
भोले भजे ना कोई राम के बिना,
दानव मरे ना मैया गौरा के बिना,
काल डरे ना महाकाल के बिना।3।
दुनिया के ग्यानी और ध्यानी सुनो,
संतो महंतो की वाणी सुनो,
भाग्य लिखे ना कोई ब्रह्मा के बिना,
बदले ना भाग्य महाकाल के बिना,
दानव मरे ना मैया गौरा के बिना,
काल डरे ना महाकाल के बिना।4।
एक बात मैंने समझ ली है,
सारी दुनिया को बता दी है,
शक्ति मिले ना मा गौरा के बिना,
मुक्ति मिले ना महाकाल के बिना,
दानव मरे ना मैया गौरा के बिना,
काल डरे ना महाकाल के बिना।5।
विघ्न टले ना गणपति के बिना,
मृत्यु टले ना महाकाल के बिना,
दानव मरे ना मैया गौरा के बिना,
काल डरे ना महाकाल के बिना।6।
मृत्यु टले ना महाकाल के बिना भजन हमें यह सिखाता है कि संसार में सब कुछ नश्वर है, परंतु जो महादेव की शरण में आता है, उसे किसी भी भय की आवश्यकता नहीं। शिव ही काल हैं, शिव ही जीवन हैं, और शिव ही मोक्ष का द्वार हैं। महाकाल की भक्ति से ही हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं और मृत्यु के भय से मुक्त होकर सच्ची भक्ति के मार्ग पर चल सकते हैं। यदि आपको यह भजन पसंद आया, तो नजर महाकाल की एक बार जो हो जाए, महाकाल के द्वार चले चलो, जपले महाकाल का नाम तेरे बनेंगे बिगड़े काम, और भोले के दरबार से खाली नहीं जाएंगे भी करें। इन भजनों को पढ़कर आप महादेव की महिमा को और अधिक अनुभव करेंगे और उनकी कृपा से कृतार्थ होंगे। ????????✨

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile