गौरा हमरी खातिर एक लोटा भांग तू लाईदे

गौरा हमरी खातिर एक लोटा भांग तू लाईदे भजन शिव-पार्वती के अनोखे प्रेम और भोलेनाथ की सरलता को दर्शाता है। यह भजन भक्तों के हृदय में भक्ति और आनंद का संचार करता है, जिसमें शिव जी की भांग और निस्वार्थ प्रेम की झलक मिलती है। भोलेनाथ को भांग अति प्रिय है, और जब माता पार्वती अपने शिव के लिए प्रेमपूर्वक कुछ लाती हैं, तो यह एक भक्त के लिए भक्ति और श्रद्धा का सुंदर प्रतीक बन जाता है।

Gaura Hamari Khatir Ek Lota Bhang Tu Laide

गौरा हमरी खातिर,
एक लोटा भांग तू लाईदे,
एक लोटा भांग तू लाईदे,
लाइकर के हमका पिलाइदे,
गौरा हमरी ख़ातिर,
एक लोटा भांग तू लाईदे।1।

काजू किसमिस नहीं चाहिए,
पेड़ा बर्फी नही चाहिए,
बस हरी हरी भंगिया,
सिलबट्टे में पिसवाइदे,
गौरा हमरी ख़ातिर,
एक लोटा भांग तू लाईदे।2।

सावन आया घूम घूम के,
नाचेंगे सब झूम झूम के,
बस हाथ में तू हमरे,
हमरा डमरू पकड़ाईदे,
गौरा हमरी ख़ातिर,
एक लोटा भांग तू लाईदे।3।

भंग का रंग चढ़ाइदो हमका,
सावन में झूला झुलाइदो हमका,
थोड़ी थोड़ी सबका,
थोड़ी ‘विक्की’ का पिलाइदे,
गौरा हमरी ख़ातिर,
एक लोटा भांग तू लाईदे।4।

गौरा हमरी खातिर,
एक लोटा भांग तू लाईदे,
एक लोटा भांग तू लाईदे,
लाइकर के हमका पिलाइदे,
गौरा हमरी ख़ातिर,
एक लोटा भांग तू लाईदे।5।

गौरा हमरी खातिर एक लोटा भांग तू लाईदे भजन करने से हमें शिव-पार्वती के पावन प्रेम और शिव भक्ति की अलौकिक अनुभूति होती है। भोलेनाथ की महिमा अपार है, और उनकी भक्ति से जीवन के सारे दुख दूर हो जाते हैं। अगर आपको यह भजन पसंद आया, तो महाकाल आरती, शिव तांडव स्तोत्र, शिव चालीसा, और हर हर महादेव भजन भी करें। ये भजन आपको शिव जी की भक्ति में और अधिक डुबो देंगे और उनकी कृपा का अनुभव कराएंगे। ????✨

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