भोले आया तेरे दर पर सर झुकाने को लिरिक्स

भोले आया तेरे दर पर सर झुकाने को भजन एक भक्त के गहरे प्रेम और समर्पण को दर्शाता है। जब कोई सच्चे मन से शिव जी के दरबार में आता है, तो उसकी सारी चिंताएँ स्वतः ही समाप्त हो जाती हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि शिव जी के चरणों में ही सच्ची शांति और मोक्ष का मार्ग है। जब भक्त भोलेनाथ के दर पर सिर झुकाता है, तो उसे अपार शक्ति और आशीर्वाद की अनुभूति होती है।

Bhole Aaya Tere Dar Par Sir Jhukane Ko

भोले आया तेरे दर पर,
सर झुकाने को,
छोड़कर पीछे झूठे ज़माने को,
छोड़कर पीछे झूठे ज़माने को,
भोले आया तेरे दर पे,
सर झुकाने को।1।

दुनिया को देखकर,
अब ये तय कर लिया,
शिव की भक्ति में,
अब ये ह्रदय कर लिया,
छोड़ आया मैं अब हर,
बहाने को,
छोड़ आया मैं अब हर,
ठिकाने को,
भोले आया तेरे दर पे,
सर झुकाने को।2।

पा के दर्शन तेरा,
काम बनता मेरा,
अब तो लगता नहीं,
और कही दिल मेरा,
मैं तड़पता था,
दर तेरे आने को,
अब बता दूँ मैं ये,
इस ज़माने को,
भोले आया तेरे दर पे,
सर झुकाने को।3।

भोले आया तेरे दर पर,
सर झुकाने को,
छोड़कर पीछे झूठे ज़माने को,
छोड़कर पीछे झूठे ज़माने को,
भोले आया तेरे दर पे,
सर झुकाने को।4।

भोले आया तेरे दर पर सर झुकाने को भजन करने से हमें शिव जी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है। भोलेनाथ के दरबार में आने वाला कभी खाली हाथ नहीं जाता, उनकी भक्ति से सब दुख-दर्द मिट जाते हैं। अगर आपको यह भजन पसंद आया, तो महाकाल आरती, शिव तांडव स्तोत्र, शिव चालीसा, और हर हर महादेव भजन भी करें। ये भजन आपकी भक्ति को और गहरा करेंगे और शिव जी की महिमा का दिव्य अनुभव कराएंगे। ????✨

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